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चंपावत के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच को मिलेगा नया मंच, डायट लोहाघाट में इन्सपायर अवार्ड–मानक कार्यशाला आयोजित
लोहाघाट (चंपावत)। जनपद के विद्यालयों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) लोहाघाट में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इन्सपायर अवार्ड–मानक योजना के तहत एक दिवसीय जनपद स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिले भर से विज्ञान शिक्षकों ने प्रतिभाग कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ डायट के प्रभारी प्राचार्य आशुतोष वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि इन्सपायर अवार्ड–मानक योजना विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने शिक्षकों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर आधारित नवाचारी मॉडल तैयार करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
जिला इन्सपायर समन्वयक नवीन पंत ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजना की पात्रता, ऑनलाइन नामांकन, मॉडल चयन, मूल्यांकन प्रक्रिया तथा समय-सीमा की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 से 15 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों की मौलिक वैज्ञानिक सोच को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यशाला का संचालन जिला विज्ञान समन्वयक (प्राथमिक शिक्षा) नरेश जोशी ने किया। उन्होंने कहा कि जनपद के प्रत्येक विद्यालय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं और शिक्षक ही विद्यार्थियों की जिज्ञासा को नवाचार में बदलने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
कार्यक्रम को राज्य समन्वयक अभिनाष उनियाल ने ऑनलाइन संबोधित किया। इस अवसर पर डायट के प्रवक्ताओं सहित जनपद के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया। शिक्षकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए योजना के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी साझा की गई।
कार्यशाला के समापन पर सभी शिक्षकों ने अधिकाधिक विद्यार्थियों को इन्सपायर अवार्ड–मानक योजना से जोड़ने तथा जनपद चंपावत को नवाचार और वैज्ञानिक उपलब्धियों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का संकल्प लिया।
रिपोर्ट: पुष्कर सिंह राजपूत
चीफ एडिटर: PSR उत्तरध्वनि NEWS