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बड़ी खबर | चंपावत पीएम आवास के पुनः सत्यापन से मचा हड़कंप, पुराने रिकॉर्ड पर उठे सवाल; गलत जानकारी मिली तो जिम्मेदारों पर हो सकती है कार्रवाई
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड लोहाघाट की ग्राम पंचायत मजपीपल में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र परिवारों के पुनः सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस प्रक्रिया ने गांव में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार सर्वे पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से होना चाहिए, ताकि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को ही योजना का लाभ मिल सके।
गलत जानकारी देकर किसी पात्र का नाम काटा गया या अपात्र को लाभ दिलाया गया तो जांच में जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
ग्रामीणों के अनुसार सबसे बड़ा सवाल उन परिवारों को लेकर उठ रहा है, जिन्हें पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिल चुका था। अब उन्हीं परिवारों के कुछ सदस्य नए सिरे से आवास की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि पहले आवास स्वीकृत होकर बन चुके थे, तो वे आवास आज कहां हैं? उनका वर्तमान में क्या उपयोग हो रहा है? यदि पुराने आवास मौजूद हैं, तो दोबारा लाभ की मांग किस आधार पर की जा रही है? इन सवालों का जवाब पुनः सत्यापन और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पहले जिन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास मिल चुका था, आज उनके ही सदस्य कह रहे हैं कि उनके पास घर नहीं है। आखिर पुराने आवास कहां गए? पुनः सत्यापन में खुल सकते हैं कई राज
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन पुराने रिकॉर्ड, लाभार्थी सूची और मौके पर किए जाने वाले भौतिक सत्यापन का मिलान करता है, तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। यदि जांच में गलत जानकारी, तथ्य छिपाने, अपात्र को लाभ दिलाने या पात्र परिवारों के साथ अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
अब सबकी निगाहें पुनः सत्यापन पर हैं। क्या इस बार सामने आएगा पूरा सच? यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा तथ्यों के विपरीत गलत रिपोर्ट देने या अनियमितता की पुष्टि होती है, तो क्या उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होगी? इस सवाल का जवाब अब प्रशासनिक जांच से ही मिलेगा
रिपोर्ट : पुष्कर सिंह राजपूत
चीफ एडिटर : PSR उत्तरध्वनि न्यूज़