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चमोली में विकास और जनसुविधाओं को मिली रफ्तार: दूरसंचार नेटवर्क, मेडिकल स्टोरों की जांच और पीएमजीएसवाई पुल निर्माण कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा
चमोली। जनपद में डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और ग्रामीण सड़क संपर्क को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित अलग-अलग समीक्षा बैठकों एवं निरीक्षणों में दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क सुधार, मेडिकल स्टोरों पर औषधि नियमों के अनुपालन तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत निर्माणाधीन पुलों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया। अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
जिला टेलीकॉम समिति की बैठक में जनपद की दूरसंचार सेवाओं, मोबाइल नेटवर्क विस्तार, 4जी सैचुरेशन तथा भारत नेट परियोजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बीएसएनएल सहित सभी दूरसंचार कंपनियों को निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित मोबाइल टावरों का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने इंटरनेट स्पीड, कॉल गुणवत्ता, नेटवर्क रेंज एवं तकनीकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही जहां अतिरिक्त मोबाइल टावरों की आवश्यकता है, वहां सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
बैठक में लोंग सेगड़ी, कुनीगाड़, ईराणी, बिरही सहित अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क संबंधी शिकायतों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए गए। भारत नेट परियोजना के तहत विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा पंचायत भवनों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सूची तैयार कर संबंधित विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि मजबूत डिजिटल नेटवर्क शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी के निर्देश पर औषधि निरीक्षक हार्दिक भट्ट ने कर्णप्रयाग क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान औषधि लाइसेंस की वैधता, पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति, दवाओं के रखरखाव, सीसीटीवी व्यवस्था, एक्सपायरी दवाओं के सुरक्षित निस्तारण तथा मनःप्रभावी औषधियों के अभिलेखों की गहन जांच की गई। गुणवत्ता परीक्षण के लिए विभिन्न औषधियों के नमूने भी एकत्र किए गए तथा नकली एवं संदिग्ध दवाओं की रोकथाम के उद्देश्य से अतिरिक्त नमूने लिए गए। मेडिकल संचालकों को निर्देश दिए गए कि नार्कोटिक दवाओं का वितरण केवल अधिकृत चिकित्सक के वैध पर्चे पर ही किया जाए तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के सभी प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत निर्माणाधीन पुलों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए सभी पुलों एवं एप्रोच रोड का निर्माण समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जनपद में प्रस्तावित 56 पुलों में से 45 पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनमें 39 पुल पूर्ण रूप से संचालित हैं, जबकि 6 पुलों की एप्रोच रोड निर्माणाधीन है। शेष 11 पुलों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुल निर्माण के साथ-साथ एप्रोच रोड का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक बाधाओं का शीघ्र समाधान कर निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब न होने देने पर बल दिया।
जिला प्रशासन का कहना है कि मजबूत डिजिटल नेटवर्क, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर सड़क संपर्क चमोली के दूरस्थ क्षेत्रों के विकास की आधारशिला हैं। इन परियोजनाओं के समयबद्ध पूर्ण होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आपदा प्रबंधन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
— PSR उत्तर ध्वनि NEWS