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सड़क के अभाव में बुजुर्ग महिला को डोली में पहाड़ चढ़ाकर ले गए ग्रामीण बकोड़ा गांव, चंपावत — विकास के दावों के बीच ग्रामीणों की जमीनी हकीकत
चंपावत ज़िले के बकोड़ा गांव के मोस्टी तोक में एक बार फिर सड़क न होने की समस्या ने ग्रामीणों की पीड़ा को उजागर कर दिया। सोमवार को 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला कलावती देवी की अचानक तबियत बिगड़ने पर उनके परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर उन्हें लकड़ी व चादर से बनी अस्थायी डोली में कई किलोमीटर की खड़ी पहाड़ी चढ़ाई पार कर सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया।
बीमार महिला को उनके पुत्र प्रकाश बोहरा के साथ ग्राम प्रधान रविन्द्र रावत, पूर्व प्रधान महेंद्र रावत, दयाल बोहरा, भरत, राहुल, विकास, नरेंद्र, मनीष, नवीन, विनोद और कल्याण समेत कई ग्रामीणों ने साहस, आपसी सहयोग और मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करते हुए समय पर चिकित्सा सुविधा तक पहुँचाया।
ग्रामीणों का कहना है कि वे सालों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब भी उन्हें घंटों पैदल चलकर मंच पहुँचना पड़ता है, जहाँ से वाहन पकड़कर चंपावत जाना संभव होता है।
सामाजिक कार्यकर्ता राहुल सिंह महर ने कहा, "आज के दौर में भी सड़क न होना सरकार के विकास दावों पर सवाल खड़ा करता है। नेताओं के वादे चुनाव से पहले आसमान छूते हैं, लेकिन जीत के बाद सच्चाई इन टूटी पगडंडियों में दब जाती है।"
ग्रामीणों का आक्रोश है कि सरकारें और मंत्री बदलते हैं, लेकिन उनकी तकलीफ़ जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले नेताओं को एक बार इन दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर खुद चढ़कर देखना चाहिए, तभी उन्हें समझ आएगा कि असली विकास कहां सो रहा है।