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मजपीपल में प्रधानमंत्री आवास योजना पर उठे सवाल, पात्रों को वंचित कर अपात्रों को लाभ देने के आरोप ग्रामीणों ने लाभार्थी सूची की निष्पक्ष जांच, पुनः सत्यापन और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई
लोहाघाट। चम्पावत। ग्राम पंचायत मजपीपल में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों के चयन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के कई वास्तविक पात्र परिवारों के नाम सूची से हटा दिए गए, जबकि कथित रूप से अपात्र लोगों को आवास का लाभ स्वीकृत कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई गरीब परिवार आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। वहीं, आरोप है कि कुछ परिवारों में एक ही परिवार के दो-दो और तीन-तीन सदस्यों को आवास योजना का लाभ दे दिया गया, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान ग्राम प्रधान के भाई शोभन सिंह तिवारी पुत्र कुंवर सिंह तिवारी को आवास योजना का लाभ दिया गया। ग्रामीणों का दावा है कि उनके परिवार के पास पहले से पक्का मकान और दो चारपहिया वाहन हैं। ग्रामीणों ने इन तथ्यों की स्वतंत्र जांच कराए जाने और पात्रता के आधार पर लाभ दिए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पक्षपात हुआ और कई वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना से वंचित कर दिया गया। उन्होंने जिला प्रशासन, मुख्य विकास अधिकारी, जिलाधिकारी तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि पूरी लाभार्थी सूची की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पात्रता का दोबारा सत्यापन कराया जाए तथा यदि किसी अपात्र व्यक्ति को नियमों के विरुद्ध लाभ दिया गया हो तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वास्तविक पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाया जाए।
वर्तमान जिला अधिकारी के समक्ष भी 1 साल पहले दोबारा अपने सर्वे कराई थी जिसमें पटवारी द्वारा की गई थी सर्वे और रिपोर्ट भी पेश की गई थी कि वास्तव में हीरा देवी पत्नी पुष्कर सिंह पात्र हैं लेकिन उनका नाम सूची से हटा दिया गया है नाम सूची से हटा दिया गया है यह जनपद चंपावत की दोहरी प्रणाली पर सवाल उठाते हैं
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।