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चम्पावत: 10 जून के जुता प्रकरण गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज, आरोप साबित होने पर हो सकती है कई साल की सजा BNS, SC,ST Act और IT Act की धाराओं में पुलिस कार्रवाई, कानून के शिकंजे में आरोपी
चम्पावत। मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC,ST Act) और आईटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।
मामले में दर्ज धाराएं और उनमें सजा का प्रावधान इस प्रकार है
BNS धारा 115(2)
जानबूझकर चोट पहुंचाना
दोष सिद्ध होने पर 1 साल तक की जेल, 10 हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों।
BNS धारा 126(2) गलत तरीके से रोकना
दोष सिद्ध होने पर 1 महीने तक की जेल, 5 हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों।
BNS धारा 303(2) चोरी
दोष सिद्ध होने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों।
BNS धारा 309(3) लूट से संबंधित मामला
दोष सिद्ध होने पर 10 साल तक का कठोर कारावास और जुर्माना हो सकता है।
BNS धारा 351(3) आपराधिक धमकी
दोष सिद्ध होने पर 7 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान।
BNS धारा 352 जानबूझकर अपमान करना
दोष सिद्ध होने पर 2 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों।
SC,ST Act धारा 3(1)(r) सार्वजनिक स्थान पर अपमान ,धमकी
दोष सिद्ध होने पर 6 महीने से 5 साल तक की जेल और जुर्माना।
IT Act धारा 66E निजता का उल्लंघन
दोष सिद्ध होने पर 3 साल तक की जेल या 2 लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों।
कानून का शिकंजा: अब जांच और न्यायालय की प्रक्रिया पर नजर
मामले में पुलिस जांच जारी है। आरोप साबित होने पर संबंधित धाराओं के तहत दोषियों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा साक्ष्य और सुनवाई के आधार पर किया जाएगा।
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