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लोहाघाट में टैक्सी विवाद ने पकड़ा तूल: चालक को जूते की माला पहनाने का आरोप, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
चम्पावत। जनपद चम्पावत के लोहाघाट क्षेत्र में टैक्सी संचालन को लेकर विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। आरोप है कि कुछ टैक्सी संचालकों द्वारा ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की आड़ में लोकल रूटों पर सवारियां ले जाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय परिवहन व्यवस्था और रोडवेज सेवा प्रभावित हो रही है।
मामला उस समय सुर्खियों में आया जब एक टैक्सी चालक को कथित रूप से घेरकर उसके साथ अभद्रता, मारपीट और सार्वजनिक रूप से जूते की माला पहनाकर अपमानित करने का आरोप सामने आया। घटना की फोटो/वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
पीड़ित चालक के साथ कथित रूप से पैसों की वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि किसी वाहन चालक ने नियमों का उल्लंघन किया है तो कार्रवाई करने का अधिकार परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को है, किसी व्यक्ति को कानून हाथ में लेकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करना उचित नहीं है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इस तरह के सार्वजनिक अपमान और मानसिक प्रताड़ना से पीड़ित व्यक्ति कोई गलत कदम उठाता है या आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? क्या इसकी जवाबदेही उन लोगों की होगी जिन पर अपमानित करने का आरोप है, या फिर उस व्यवस्था की जो समय रहते ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगा पाई?
लोगों ने जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और टैक्सी संचालन में नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
इस मामले में वाहन संख्या UK03 TA 1706 से जुड़े व्यक्ति को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है
हालांकि पूरे मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अब देखना होगा कि चम्पावत प्रशासन और पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है