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पार्किंग के नाम पर खेल या सरकारी आदेश? धारी देवी में वसूली पर बड़ा सवाल श्रीनगर गढ़वाल/धारी देवी, उत्तराखंड | दिनांक: 01 मई 2026
उत्तराखंड पौड़ी गढ़वाल धारी देवी क्षेत्र में पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यही है क्या यह वसूली सरकार के आदेश पर हो रही है या फिर कुछ लोगों की मिलीभगत से चल रहा खेल?
मौके पर जो स्थिति सामने आई है, वह चौंकाने वाली है। श्रद्धालुओं से बाकायदा पर्ची काटकर ₹50 से ₹100 तक पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है, जबकि जमीन पर कोई व्यवस्थित पार्किंग स्थल मौजूद नहीं है। वाहन सड़क किनारे खड़े हो रहे हैं, जिससे जाम और हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
सरकारी नाम, लेकिन सुविधा गायब
पर्ची पर नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल का नाम छपा है, जिससे यह वसूली आधिकारिक लगती है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि:
- क्या नगर निगम ने वास्तव में इस स्थान पर पार्किंग अधिकृत की है?
- अगर हां, तो फिर पार्किंग की व्यवस्था क्यों नहीं?
- अगर नहीं, तो फिर किसके इशारे पर यह वसूली हो रही है?
डीएम को फोन, जवाब ने बढ़ाए सवाल
मामले की सच्चाई जानने के लिए जब जिला अधिकारी पौड़ी गढ़वाल के सरकारी नंबर पर संपर्क किया गया, तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को आशीष चौहान बताते हुए कहा कि यह मेरा पर्सनल नंबर है और तुरंत फोन काट दिया।
इस जवाब ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्रद्धालुओं में आक्रोश, बोले ‘यह सीधी ठगी’
दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि बिना सुविधा पैसा लेना सरासर गलत है। गाड़ी सड़क पर खड़ी करो और ऊपर से पैसा भी दो यह कौन सा नियम है? ऐसी प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
मिलीभगत की आशंका
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा मामला मिलीभगत का खेल हो सकता है, जहां कुछ लोग सरकारी नाम का सहारा लेकर वसूली कर रहे हैं। यदि यह सच है तो यह गंभीर जांच का विषय है।
प्रशासन से जवाब तलब
अब जनता सीधे प्रशासन और सरकार से जवाब मांग रही है:
- इस वसूली की वैधता क्या है?
- जिम्मेदार कौन है?
- आम जनता को क्यों ठगा जा रहा है?
तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग
लोगों ने मांग की है कि
- इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो
अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगे
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
धारी देवी में उचित और सुरक्षित पार्किंग व्यवस्था बनाई जाए
चारधाम यात्रा से पहले बड़ा मुद्दा
चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में यह अव्यवस्था और वसूली प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।