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उत्तराखंड की सड़कों पर खतरा। बाहरी ड्राइवरों की ड्राइविंग पर उठे सवाल
देहरादून/उत्तर काशी
देवभूमि उत्तराखंड की संवेदनशील पहाड़ी सड़कों पर बाहरी राज्यों के ड्राइवरों की ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताज़ा मामला राजस्थान नंबर RJ14 PE 3864 की एक बस का सामने आया है, जिसमें चालक की पहाड़ी रास्तों पर अनुभवहीनता स्पष्ट दिखाई दी।
मिली जानकारी के अनुसार, राणा चट्टी के पास इस बस ने करीब एक घंटे तक यातायात बाधित किया, जिससे लंबा जाम लग गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ड्राइवर को पहाड़ी मार्गों का पर्याप्त अनुभव नहीं था।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ड्राइविंग स्टाइल और व्यवहार को लेकर भी गंभीर आपत्तियां जताई जा रही हैं।
इस पूरे मामले को लेकर जनता ने उत्तराखंड परिवहन विभाग और उत्तराखंड मित्र पुलिस से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जनता की प्रमुख मांगें:
ऋषिकेश से ऊपर पहाड़ी क्षेत्रों में केवल अनुभवी ड्राइवरों को ही अनुमति दी जाए
कम से कम 8 साल पुराना ड्राइविंग लाइसेंस और पहाड़ी अनुभव अनिवार्य हो
हरबर्टपुर और ऋषिकेश में स्थायी चेकिंग पॉइंट बनाए जाएं
मानकों पर खरे न उतरने वाले ड्राइवरों को तुरंत रोका जाए
जरूरत पड़ने पर स्थानीय अनुभवी ड्राइवर की व्यवस्था की जाए
स्थानीय नागरिकों का साफ कहना है कि उत्तराखंड की पवित्रता और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पहाड़ी सड़कों पर एक छोटी गलती भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
शासन प्रशासन से अनुवाद
प्रशासन को चाहिए कि पहाड़ी मार्गों पर बाहरी गाड़ियों और ड्राइवरों की सख्त जांच सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।