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चम्पावत में दिशा बैठक केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा सख्त बोले योजनाओं में गुणवत्ता पारदर्शिता और समयबद्धता से नहीं होगा समझौता
जनपद चम्पावत में विकास कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता को लेकर आज आयोजित ‘दिशा’ (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद अजय टम्टा ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि केंद्र पोषित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता, गुणवत्ता और तय समय सीमा में पहुँचना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया, जिस पर मंत्री ने गहन समीक्षा करते हुए कई अहम निर्देश जारी किए।
बैठक की बड़ी बातें
लंबित कार्यों पर सख्ती:
ताड़केश्वर क्षेत्र में शवदाह गृह और टाल विकास कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा:
मडुवा, लाल धान जैसे उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर जोर
सड़क योजनाओं पर फोकस: PMGSY फेज-3 के सभी अधूरे कार्य प्राथमिकता से पूरे करने के आदेश
हर घर जल का लक्ष्य:
पेयजल योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
स्वच्छता पर बड़ा एक्शन: सेप्टिक टैंक और खुले आउटलेट का सर्वे कर ठोस योजना बनाने के निर्देश
मनरेगा में नई गाइडलाइन लागू:
कार्यों को नियमों के अनुरूप करने की हिदायत
वाइब्रेंट विलेज योजना:
चयनित गांवों में प्रगति की समीक्षा, बिजली पहुंचाने के निर्देश
शिक्षा पर जोर:
शिक्षकों के प्रशिक्षण और प्रेरणा कार्यक्रम को बढ़ावा एक शिक्षक पूरे विद्यालय की दिशा बदल सकता है
कृषि और पशुपालन: महिला किसानों को उपकरण उपलब्ध कराने और रेड सिंधी नस्ल के संवर्धन पर जोर
NH-09 भू-धंसाव:
स्वाला क्षेत्र में स्थायी समाधान और वैकल्पिक मार्गों के सर्वे के निर्देश
जल जीवन मिशन:
गुणवत्ता के लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण अनिवार्य
जनप्रतिनिधियों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाईं, जिन पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए।
बैठक में विधायक खुशाल सिंह अधिकारी
जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष:
चम्पावत में विकास योजनाओं की सुस्ती और गुणवत्ता को लेकर अब सख्ती के संकेत साफ हैं। केंद्रीय मंत्री के कड़े तेवर से साफ है कि अब लापरवाही पर सीधा एक्शन तय है।योजनाओं की सुस्ती और गुणवत्ता को लेकर अब सख्ती के संकेत साफ हैं। केंद्रीय मंत्री के कड़े तेवर से साफ है कि अब लापरवाही पर सीधा एक्शन तय है।