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देहरादून में गैरसैंण राजधानी को लेकर अनशन तेज, हरीश रावत का समर्थनअब उठे पुराने सवाल एकता विहार सहस्त्रधारा में चल रहे अनशन को मिला राजनीतिक समर्थन, लेकिन बयान पर उठे सवाल
देहरादून। स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर सहस्त्रधारा स्थित एकता विहार में अनिश्चितकालीन अनशन जारी है। इस बीच हरीश रावत धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को समर्थन दिया। उन्होंने गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को जायज बताया।
आंदोलन को मिला समर्थन, लेकिन उठे तीखे सवाल
धरना स्थल पर बढ़ते समर्थन के बीच अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं
जब ये खुद सत्ता में थे, तब गैरसैंण को स्थायी राजधानी क्यों नहीं बनाया गया?
जब केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर अनुभव था, तब फैसला क्यों नहीं हो पाया?
जनता का सीधा सवाल
क्या अब विपक्ष में आकर ही गैरसैंण की याद आ रही है?
क्या यह मुद्दा सच में विकास का है… या सिर्फ राजनीति का हिस्सा बन गया है?
अगर उस समय फैसला लिया जाता, तो क्या आज यह आंदोलन करना पड़ता?
कटाक्ष: अब क्यों तेज हुई मांग?
आज जब विपक्ष में हैं, तो गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग जोर पकड़ रही है
लेकिन क्या यह मांग पहले पूरी नहीं की जा सकती थी?
क्या यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है?
पुरानी मांग, अधूरा फैसला
गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है और इसे पहाड़-मैदान संतुलन से जोड़ा जाता है।
लेकिन अब तक यह मुद्दा अंतिम निर्णय तक नहीं पहुंच पाया है।
फ्रंटलाइन निष्कर्ष
गैरसैंण को लेकर आंदोलन फिर तेज है, समर्थन भी मिल रहा है
लेकिन असली सवाल वही है: फैसला कब होगा?
और क्या यह मुद्दा समाधान तक पहुंचेगा या फिर हर बार की तरह राजनीति में ही उलझा रहेगा?
आप क्या सोचते हैं गैरसैंण राजधानी बननी चाहिए
Yes No कमेंट में जरूर बताएं