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मां भारती की सेवा से समाज सेवा तक संघर्ष की जीत, मजपीपल समेत कई मंदिरों को दस दस लाख की सौगात पहले निरस्त, अब फिर स्वीकृत:अड़चनों के बीच लौटी विकास की रफ्तार, सूची में मजपीपल का नाम दर्ज
उत्तराखंड शासन द्वारा जारी आधिकारिक सूची (घोषणा संख्या 285/2026) में लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र के कई मंदिरों के लिए ₹ दस दस लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इस सूची में ग्राम पंचायत मजपीपल का प्राचीन शिव मंदिर भी शामिल है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सूची के अनुसार
लोहाघाट, बाराकोट, पाटन-पाटली, गुमदेश, दिगालीचौड़, गागर सहित अन्य क्षेत्रों के मंदिरों को भी समान रूप से ₹10–10 लाख की राशि स्वीकृत हुई है।
पहले भी इसी टीम ने दिलाई थी स्वीकृति, लेकिन लगा था ब्रेक
गौरतलब है कि पूर्व में भी इसी टीम के प्रयासों से यह राशि स्वीकृत कराई गई थी, जिसमें उस समय की जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रीति पाठक (रायकोट क्षेत्र) की भूमिका बेहद अहम रही थी।
लेकिन गांव के ही एक अराजक तत्व द्वारा आपत्ति लगाकर इस जनहित के कार्य को रुकवा दिया गया।
जानकारी के अनुसार, उस व्यक्ति के खिलाफ मान्य कोतवाली क्षेत्र में पहले से एनसीआर दर्ज है
और वह कई बार विभागों को गुमराह कर विकास कार्यों में बाधा डालता रहा है
संघर्ष जारी रहा और आखिरकार जीत मिली
कैप्टन रघुवीर सिंह (समाजसेवी)
पुष्कर सिंह राजपूत
पूर्व ग्राम प्रधान गणेश सिंह बोहरा
पूर्व ग्राम प्रधान अमरनाथ बोहरा
के अथक प्रयासों के चलते अब ₹10 लाख की राशि पुनः स्वीकृत होकर सूची में दर्ज हो चुकी है।
क्या बोले प्रमुख चेहरे एक्सक्लूसिव बयान
कैप्टन रघुवीर सिंह
हमने हमेशा मां भारती की सेवा को सर्वोपरि माना है और अब उसी भावना से समाज सेवा कर रहे हैं।
यह मंदिर हमारी आस्था का केंद्र है अब कोई भी अराजक ताकत विकास को नहीं रोक पाएगी।
गणेश सिंह बोहरा (पूर्व ग्राम प्रधान)
यह पूरे गांव के लिए गर्व का विषय है।
काफी संघर्ष के बाद यह स्वीकृति मिली है और अब हम चाहते हैं कि मंदिर का निर्माण भव्य और व्यवस्थित तरीके से हो।
अमरनाथ बोहरा (पूर्व ग्राम प्रधान)
पहले हमारे गांव के साथ अन्याय हुआ था, लेकिन हमने हार नहीं मानी।
आज यह स्वीकृति बताती है कि सच्चाई और एकता की हमेशा जीत होती है।
पुष्कर सिंह राजपूत
हमने इस मुद्दे को लगातार पत्रकारिता के माध्यम से उठाया, क्योंकि यह जनभावना से जुड़ा विषय था।
अब जरूरत है कि इस मंदिर को भव्य स्वरूप दिया जाए और बजट भी बढ़ाया जाए।
सरकार और टीम का जताया आभार
ग्रामीणों ने इस निर्णय के लिए
माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी
और पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।
अब उठी मांग बजट बढ़ाया जाए
ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि
मंदिर के समग्र विकास हेतु
स्वीकृत ₹10 लाख की राशि को बढ़ाया जाए,
ताकि यह स्थल भविष्य में एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बन सके।
बड़ा सवाल और कड़ा संदेश
अगर पहले स्वीकृत ₹10 लाख की राशि को वापस न कराया गया होता, तो आज मंदिर के निर्माण में ₹20 लाख तक का काम हो चुका होता
गांव के लोगों का कहना है कि जिस तरह से विकास कार्यों में बाधा डाली गई, उससे यह साफ होता है कि ऐसे अराजक तत्व न सिर्फ समाज, बल्कि आस्था और भगवान के भी विरोधी साबित हुए हैं।
अब जनता ने साफ संदेश दे दिया है विकास और धर्म के रास्ते में आने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मजपीपल सहित कई गांवों को ₹10–10 लाख
पहले निरस्त, अब संघर्ष के बाद फिर स्वीकृत
अराजक तत्वों पर जनता का सीधा हमला
मां भारती की सेवा से समाज सेवा का उदाहरण