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तहसील दिवस में एक्शन बनाम सिस्टम 63 शिकायतों पर डीएम सख्त, जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर उठे सवाल
चंपावत पाटी ब्लॉक पाटी में आयोजित तहसील दिवस इस बार सिर्फ औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि जमीनी हकीकत सामने लाने वाला मंच बन गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में 63 जनसमस्याएं सामने आईं, जिन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पुरानी समस्याएं, नया एक्शन आखिर देरी क्यों?
बिजली, पानी, सड़क, आवास और भुगतान जैसी समस्याएं वर्षों से चली आ रही थीं।
ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि
जब समस्याएं पहले से थीं, तो उनका समाधान अब तक क्यों नहीं हो पाया?
डीएम का सख्त रुख: अब केवल नतीजे चाहिए
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि
फाइलों में समाधान नहीं, जमीन पर काम दिखना चाहिए
हर अधिकारी अपनी जवाबदेही तय करे
भूस्खलन, पेयजल, ट्रांसफार्मर और सड़क जैसे मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर उठते सवाल
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक खुशाल सिंह अधिकारी और ब्लॉक प्रमुख शंकर सिंह अधिकारी मौजूद रहे।
लेकिन स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज रही कि
विधायक का कार्यकाल अब लगभग पूरा होने को है
इसके बावजूद क्षेत्र की कई बुनियादी समस्याएं अभी तक लंबित हैं
ऐसे में जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि
अब तक कितनी समस्याओं का स्थायी समाधान हो पाया?
और
क्या वजह रही कि लोगों को आज भी तहसील दिवस जैसे मंच का इंतजार करना पड़ रहा है?
विकास योजनाओं को लेकर भी सख्त निर्देश
मुलाकोट को बकरी विलेज
बनाने की पहल
किसानों के लिए सोलर व चेन फेंसिंग योजना
डीएम ने इन योजनाओं को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए
जनता का बदलता मूड
अब लोग साफ कह रहे हैं
सिर्फ आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए
समयबद्ध समाधान ही असली काम है
निष्कर्ष:
पाटी का तहसील दिवस यह संकेत दे रहा है कि
जब प्रशासन सक्रिय होता है, तो समाधान संभव है
लेकिन सवाल यह भी है कि
जनता को यह सक्रियता पहले क्यों नहीं दिखी?
डीएम के एक्शन से खुली सिस्टम की पोल, विधायक के कार्यकाल पर उठे सवाल
63 शिकायतें, एक दिन में एक्शन फिर पहले क्यों नहीं हुआ समाधान?