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सामाजिक समरसता की मिसाल: दलित समुदाय में सामूहिक जनेऊ संस्कार सम्पन्न
देश विदेश नेपाल बेतडी क्षेत्र विशेष। वर्षों से सामाजिक भेदभाव और दोयम दर्जे के जीवन से जूझ रहे दलित समुदाय के बीच एक सकारात्मक पहल देखने को मिली। गोपाल राम लोहार के सुपुत्र विशाल लोहार का हिन्दू परंपरा के अनुसार व्रतबंध (जनेऊ संस्कार) सम्पन्न कराया गया।
यह कार्यक्रम संस्कारशिरोमणि ज्योतिषाचार्य गणेश प्रसाद पंत (पंचांगकार) के विशेष प्रयास और मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में दलित समुदाय के लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान
सत्यनारायण पूजा
लघुरुद्राभिषेक
चंडी पाठ
हवन एवं ब्राह्मण भोजन
जैसे धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हुए।
इस अवसर पर पदम लोहार, धामी विश्राम कोली, कुलगुरु झुले कोली, मरोड़ वीरराम लोहार, खड़क टमटा सहित दर्जनों लोगों ने सामूहिक रूप से जनेऊ धारण कर समावेशी हवन में भाग लिया।
कार्यक्रम में महिला-पुरुष सभी वर्गों की सहभागिता रही और पूरे आयोजन को समावेशी व सामाजिक एकता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
सामाजिकसमरसतायाः उदाहरणम् — दलितसमाजे सामूहिकोपवीतसंस्कारः सम्पन्नः
दीर्घकालं यावत् सामाजिकभेदभावेन पीडितानां दलितसमुदायस्य मध्ये एकः प्रेरणादायकः कार्यक्रमः सम्पन्नः। गोपालरामलोहारस्य पुत्रः विशाललोहारः हिन्दुपरम्परानुसारं उपनयनसंस्कारं (व्रतबन्धः) अकरोत्।
अयं कार्यक्रमः संस्कारशिरोमणिना ज्योतिषाचार्येण गणेशप्रसादपन्तेन (पञ्चाङ्गकारेण) विशेषप्रयत्नेन आयोजितः, यस्मिन् बहवः जनाः सहभागी अभवन्।
अस्मिन् कार्यक्रमे
सत्यनारायणपूजनम्
लघुरुद्राभिषेकः
चण्डीपाठः
हवनं ब्राह्मणभोजनं च
विधिवत् सम्पन्नम्।
अस्मिन् अवसरः पद्मलोहारः, धामीविश्रामकोली, कुलगुरुः झुलेकोली, वीररामलोहारः, खडकटमटा इत्यादयः सह अन्ये बहवः जनाः सामूहिकरूपेण यज्ञोपवीतधारणं कृत्वा हवनकर्मणि सहभागी अभवन्।
कार्यक्रमे स्त्री-पुरुषाः सर्वे वर्गाः संयुक्तरूपेण सहभागी अभवन्, तथा च एषः कार्यक्रमः सामाजिकसमरसतायाः ऐक्यस्य च प्रतीकः इति मन्यते।