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मुख्यमंत्री राहत कोष में बांटी गई राशि पर उठे सवाल, RTI से मांगी पूरी जानकारी
जनपद चम्पावत में मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष से वितरित की गई सहायता राशि को लेकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस संबंध में एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा सूचना का अधिकार के तहत विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. हरीश चन्द्र शर्मा उर्फ नरेंद्र उत्तराखण्डी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सर्वका विकास पार्टी) ने जिलाधिकारी चम्पावत को RTI आवेदन भेजकर वर्ष 31 मार्च 2020 से 31 मार्च 2026 तक राहत कोष से लाभान्वित व्यक्तियों का पूरा ब्यौरा मांगा है।
RTI में मांगी गई प्रमुख जानकारी:
आवेदन में कुल 6 बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है, जिनमें प्रमुख रूप से—
राहत प्राप्त करने वाले लोगों की वर्षवार कुल संख्या
लाभार्थियों के नाम, पता और मोबाइल नंबर
आवेदन पर किस विधायक/सांसद/अधिकारी की संस्तुति रही
जारी किए गए चेक नंबर, राशि, बैंक विवरण
लाभार्थी द्वारा सहायता मांगने का कारण और जांच अधिकारी की रिपोर्ट
वर्तमान में राहत वितरण के लिए लागू शासनादेश और मानक
पारदर्शिता पर उठे सवाल
RTI आवेदन के जरिए यह जानने की कोशिश की जा रही है कि राहत राशि का वितरण किन आधारों पर किया गया और इसमें कहीं किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई। यह मामला अब प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा अहम मुद्दा बन सकता है।
मीडिया को भी भेजी गई प्रतिलिपि
इस आवेदन की प्रतिलिपि समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया को भी भेजी गई है, जिससे यह मुद्दा सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है।