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चंपावत में सियासत हादसा उपलब्धि और आस्था एक दिन में चार बड़ी तस्वीरें
चंपावत। जनपद में शुक्रवार का दिन सनसनी, सियासत, सफलता और श्रद्धा के चार बड़े घटनाक्रमों के नाम रहा। जहां एक ओर कांग्रेस में अंदरखाने हलचल तेज हो गई है, वहीं दूसरी ओर एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। इसी बीच जिले की बेटी ने पीसीएस में परचम लहराया और पूर्णागिरि मेले में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
हरदा की अनदेखी पड़ी तो कांग्रेस को भारी नुकसान
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। 76 की उम्र में भी जमीनी पकड़ और जनसंपर्क में उनकी बराबरी करना आज के नेताओं के लिए आसान नहीं दिख रहा।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर Indian National Congress ने इस अनुभवी चेहरे को नजरअंदाज किया, तो चुनाव में कीमत चुकानी पड़ सकती है।
तड़के 3 बजे आग का कहर: घर बना चिता, जिंदा जला गृहस्वामी
लोहाघाट के वालिक गांव में तड़के 3 बजे ऐसा अग्निकांड हुआ जिसने हर किसी को हिला दिया। आग की लपटों में फंसकर 46 वर्षीय गृहस्वामी जिंदा जल गए।
परिवार के बाकी सदस्य दूसरे मकान में होने के कारण बच गए, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र में मातम पसार दिया। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत दी, जांच जारी है।
बेटी ने मारी बाजी: पीसीएस में 45वीं रैंक, जिले का नाम रोशन
निराशा के बीच उम्मीद की किरण बनकर उभरी अदिति पुनेठा ने पीसीएस परीक्षा में 45वीं रैंक हासिल कर चंपावत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सम्मान की घोषणा करते हुए साफ किया कि जिले की प्रतिभाओं को अब आगे बढ़ने के पूरे अवसर दिए जाएंगे।
पूर्णागिरि मेले में आस्था का सैलाब, हाथियों ने बिगाड़ी व्यवस्था
प्रसिद्ध मां पूर्णागिरी मेला में इन दिनों लाखों की आस्था उमड़ रही है। रोजाना 30-35 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
इसी बीच हाथियों ने पेयजल पाइपलाइन तोड़ दी, जिससे हड़कंप मच गया। हालांकि प्रशासन ने तुरंत टैंकरों से पानी पहुंचाकर हालात संभाल लिए।
फ्रंटलाइन निष्कर्ष:
सियासत में खींचतान
हादसे में दर्द
बेटी की सफलता
आस्था का उफान
चंपावत ने एक ही दिन में चार रंग दिखा दिए
और हर रंग अपने आप में बड़ी कहानी बन गया।