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पत्रकार पर मुकदमे से चंपावत में उबाल, पहली बार सड़कों पर उतरा मीडिया जगत
चंपावत। जनपद में पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में इस बार स्वर कुछ अलग और तीखे नजर आए। खटीमा क्षेत्र में रसोई गैस की किल्लत पर जमीनी रिपोर्टिंग करने वाले वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा के विरुद्ध एक स्थानीय भाजपा नेता द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराए जाने से पत्रकारों में भारी रोष व्याप्त हो गया।
घटना के विरोध में पत्रकारों ने एकजुट होकर चौराहे पर संबंधित नेता का पुतला दहन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार का काम सच्चाई को सामने लाना है, न कि उसे दबाना।
इस पूरे घटनाक्रम में एक बात खास तौर पर चर्चा में रही—जनपद चंपावत जिला में अक्सर शांत रहने वाला पत्रकार वर्ग इस बार खुलकर सामने आया। वर्षों से दबे स्वर में चल रही नाराजगी इस घटना के बाद सड़कों पर दिखाई दी।
पत्रकारों का कहना है कि बिना ठोस जांच के मुकदमा दर्ज किया जाना कई सवाल खड़े करता है। अगर जमीनी हकीकत दिखाना ही अपराध माना जाएगा, तो फिर सच सामने कौन लाएगा?
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ पत्रकार एवं पीटीआई संवाददाता दिनेश पांडे सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।
इधर, पीएसआर उत्तर ध्वनि न्यूज़ के चीफ एडिटर पुष्कर सिंह राजपूत ने इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उत्तराखंड में पहले भी पत्रकारों के साथ कई घटनाएं हुईं, जिनमें राज्यभर में आवाज उठी, लेकिन चंपावत में इस तरह की एकजुटता कम ही देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि यह एक नई शुरुआत है, जो संकेत देती है कि अब स्थानीय स्तर पर भी पत्रकार अपने अधिकारों और कर्तव्यों को लेकर पहले से अधिक सजग हो रहे हैं। यदि यह एकजुटता बनी रही, तो भविष्य में अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज और मजबूत हो सकती है।