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बाराकोट विकासखण्ड की बर्दाखान–बिसराड़ी–आली सड़क अब जनता के गुस्से का केंद्र बन चुकी है। 21 साल बीतने के बाद भी सड़क का पूरा डामरीकरण नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सड़क नहीं तो वोट नहीं जनता का सीधा ऐलान
चम्पावत जिले के बाराकोट ब्लॉक में स्थित इस सड़क का निर्माण वर्ष 2005 में हुआ था, लेकिन आज तक 6 किमी में से केवल 3 किमी पर ही डामरीकरण हो पाया है। बाकी 3 किमी सड़क आज भी पूरी तरह कच्ची है, जिससे ग्रामीणों को रोज़ाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं
एंबुलेंस और वाहनों का आना-जाना मुश्किल
ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह प्रभावित
पहले भी हुआ था बहिष्कार का ऐलान
पंचायत चुनाव से पहले भी ग्रामीणों ने सड़क न बनने पर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी थी। उस समय जिलाधिकारी के आश्वासन पर लोगों ने वोट डाला, लेकिन 1 साल बाद भी कोई काम शुरू नहीं हुआ।
अब आर-पार की लड़ाई
ग्रामीणों ने साफ कह दिया है
अगर इस बार भी सड़क का डामरीकरण नहीं हुआ
तो आने वाले विधानसभा चुनाव का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा
पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख नन्दा बल्लभ बगौली का बड़ा बयान
कई बार मुख्यमंत्री से मुलाकात
सचिवालय और आवास तक पहुंचाई मांग
लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज से भी गुहार
जिलाधिकारी, तहसील दिवस, बीडीसी बैठकों में उठाया मुद्दा
लेकिन हर बार मिला सिर्फ आश्वासन जमीन पर काम शून्य
जनता अब एकजुट
ग्राम प्रधान निर्मल नाथ, शांति देवी, पुष्कर सिंह, मदन सिंह चौधरी समेत दर्जनों ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा
इस बार सिर्फ आश्वासन नहीं, सड़क चाहिए नहीं तो वोट नहीं
सरकार के लिए चेतावनी
चम्पावत में यह मुद्दा अब चुनावी आग बन सकता है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह विरोध पूरे क्षेत्र में बड़ा आंदोलन बन सकता है।