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नवरात्र में अव्यवस्था और आस्था का संगम: हल्द्वानी–रीठा साहिब बस सेवा पर सवाल मानेश्वर धाम में गुप्त नौला के दर्शन किमोटा के दीपक मुरारी ने रचा सफलता का इतिहास
लोहाघाट चम्पावत
नवरात्र जैसे पावन पर्व के बीच एक ओर जहां आस्था अपने चरम पर है, वहीं दूसरी ओर व्यवस्थाओं की पोल भी खुलती नजर आ रही है। हल्द्वानी–रीठा साहिब मार्ग पर बस सेवा की बदहाल स्थिति, मानेश्वर धाम में आस्था का अद्भुत संगम और किमोटा गांव के युवा दीपक मुरारी की ऐतिहासिक सफलता तीनों घटनाएं क्षेत्र की अलग-अलग तस्वीर पेश कर रही हैं।
रीठा साहिब बस सेवा पर उठे गंभीर सवाल
हल्द्वानी से रीठा साहिब के बीच संचालित होने वाली एकमात्र रोडवेज बस सेवा यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। आरोप है कि बस का संचालन मनमाने तरीके से किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
नवरात्र जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं देखा गया। कई यात्री बस का इंतजार करते-करते निराश होकर लौटने को मजबूर हैं, जबकि कुछ निजी साधनों का सहारा ले रहे हैं।
इस गंभीर मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार गणेश चंद्र पांडे ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में बस सेवा की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और संबंधित विभाग को तुरंत संज्ञान लेकर नियमित संचालन सुनिश्चित करना चाहिए।
यात्रियों ने परिवहन निगम के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सेवा को सुचारु करने की मांग की है।
मानेश्वर धाम में आस्था का अद्भुत संगम
नवरात्र की पंचमी पर चम्पावत स्थित मानेश्वर धाम में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। धाम के पीठाधीश्वर धर्मराज पुरी जी महाराज के अनुसार, सुबह 7:30 बजे से 10:00 बजे तक गुप्त नौला के कपाट आम जन के लिए खोले जाएंगे।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थान महाभारत काल से जुड़ा हुआ है, जहां अर्जुन द्वारा दिव्य अस्त्र से जलधारा प्रकट होने की कथा प्रचलित है।
गुप्त नौला की विशेषता यह है कि इसका जल कभी समाप्त नहीं होता और यहां अभिषेक करने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
किमोटा के दीपक मुरारी ने बढ़ाया जिले का मान
चम्पावत के किमोटा गांव के निवासी दीपक मुरारी ने अपनी मेहनत और लगन से राष्ट्रीय स्तर की गेट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने फोन पर उन्हें बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। दीपक ने भी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और कठिन परिश्रम को दिया।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर कोचिंग सुविधाएं उपलब्ध हों, तो उनके जैसे कई और युवा बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।
दीपक की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।
निष्कर्ष
एक ओर जहां नवरात्र में आस्था और धार्मिक परंपराएं अपने चरम पर हैं, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की कमी और व्यवस्थाओं की लापरवाही भी सामने आ रही है।
जरूरत है कि संबंधित विभाग इन समस्याओं का समय रहते समाधान करे, ताकि श्रद्धालुओं और आम जनता को राहत मिल सके।