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80 साल की वन तपस्विनी का कमाल उजड़ा जंगल बना हरा भरा वन
चंपावत
उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र से एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि बदलाव के लिए उम्र नहीं, जज़्बा चाहिए।
80 वर्षीय भागीरथी देवी ने अपने दम पर वह कर दिखाया, जो बड़े-बड़े सरकारी प्रोजेक्ट भी नहीं कर पाते।
कभी अवैध कटान और उपेक्षा से उजड़ चुका जंगल
आज बन चुका है घना, हरा-भरा वन
तपस्या जैसी मेहनत
बिना किसी सरकारी सहायता
हजारों पौधे रोपे
वर्षों तक लगातार देखभाल की
कड़ी धूप, सर्दी और बारिश हर मौसम में उनका संघर्ष जारी रहा।
रोज जंगल जाकर पौधों को पानी देना, उनकी सुरक्षा करना उनकी दिनचर्या बन गई थी।
आज जंगल में फिर लौटी जिंदगी
हरियाली
पक्षियों की चहचहाहट
वन्यजीवों की मौजूदगी
उनके इस अद्भुत योगदान के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने उन्हें सम्मानित किया।
डीएम ने कहा
भागीरथी देवी ने साबित किया है कि एक व्यक्ति भी बड़ा बदलाव ला सकता है।”
मैसेज:
प्रकृति बचाओ, भविष्य बचाओ