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चम्पावत पुलिस की परेड में बड़ी चूक! बलवा ड्रिल के बीच उल्टी पकड़ी दिखी दंगा रोधी ढाल
चम्पावत
जनपद के पुलिस लाइन चम्पावत में शुक्रवार को साप्ताहिक परेड और बलवा (दंगा) नियंत्रण ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व रेखा यादव ने किया। परेड के दौरान जवानों ने फिटनेस, अनुशासन और दंगा नियंत्रण से जुड़ी कई रणनीतिक गतिविधियों का अभ्यास किया।
जवानों के साथ दौड़ीं एसपी, दिया फिटनेस और अनुशासन का संदेश
परेड के दौरान एसपी ने स्वयं जवानों के साथ दौड़ लगाकर पुलिस बल को फिटनेस और अनुशासन का संदेश दिया। अधिकारियों ने जवानों को आपातकालीन परिस्थितियों में बिना घबराए त्वरित कार्रवाई करने और टीम वर्क के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
लाठी पार्टी, फायर पार्टी और टैक्टिकल फॉर्मेशन का अभ्यास
बलवा ड्रिल के दौरान पुलिस जवानों ने लाठी पार्टी, फायर पार्टी, फायरिंग पार्टी और टैक्टिकल फॉर्मेशन का अभ्यास किया। इस अभ्यास का उद्देश्य दंगों और आपात स्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और सामूहिक रणनीति को मजबूत करना बताया गया।
इस अवसर पर वंदना वर्मा सहित जनपद के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
एक तस्वीर से उठे सवाल, उल्टी पकड़ी दिखी दंगा रोधी ढाल
इसी परेड के दौरान सामने आई एक तस्वीर ने पूरे अभ्यास को चर्चा में ला दिया। तस्वीर में एक पुलिसकर्मी दंगा रोधी ढाल (Riot Shield) को उल्टा पकड़े हुए दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे पुलिस प्रशिक्षण की चूक के रूप में देख रहे हैं।
लोग पूछ रहे क्या ऐसी तैयारी से कानून व्यवस्था संभलेगी
तस्वीर के वायरल होने के बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है कि जब प्रशिक्षण के दौरान ही इस प्रकार की तकनीकी गलती नजर आ रही है, तो वास्तविक दंगा या आपात स्थिति में पुलिस की तैयारी कितनी कारगर साबित होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि दंगा नियंत्रण जैसे संवेदनशील प्रशिक्षण में उपकरणों का सही उपयोग और सटीक अभ्यास बेहद जरूरी होता है। छोटी सी गलती भी बड़े सवाल खड़े कर सकती है।
स्थान: चम्पावत, उत्तराखंड
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