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ऊफनती नदी पार कर स्कूल पहुंचना बच्चों की मजबूरी, दुपट्टा बना सहारा श्री मोहन चंद्र पलड़िया ने स्पष्ट किया है कि ट्राली पूरी तरह से सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित है।
PSR उत्तरध्वनि न्यूज़, संपादक – पुष्कर सिंह राजपूत
चम्पावत।
जरा-सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है—लेकिन पढ़ाई के लिए चम्पावत के फुरक्याझाला क्षेत्र के बच्चों को रोज यह खतरा उठाना पड़ रहा है। सर पर बस्ता रखकर और दुपट्टे से एक-दूसरे को बांधकर ऊफनती लधिया नदी पार करते हुए स्कूली बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ग्रामीण बताते हैं कि बरसात में नदी का उफान उनकी सबसे बड़ी मुसीबत है। न तो पुल बना है और न ही नदी पार करने का सुरक्षित साधन। 2018 में झूला पुल निर्माण की घोषणा हुई थी, लेकिन अब तक धरातल पर कार्य शुरू नहीं हुआ। स्थिति इतनी खराब है कि गांव में लगी ट्रॉली भी लंबे समय से खराब पड़ी है, जिससे बच्चों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है।
बच्चों के माता-पिता हर दिन सहमे रहते हैं। नदी पार करते समय उनका दिल जोर-जोर से धड़कने लगता है, लेकिन बच्चों के लिए पढ़ाई इतनी जरूरी है कि वे हर खतरा मोल लेने को तैयार हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्र में रहने के कारण उनका जीवन पहले से ही कठिनाइयों से भरा है, और ऊपर से जनप्रतिनिधियों व प्रशासन की उपेक्षा ने उनकी समस्याएं बढ़ा दी हैं।
ग्रामीणों ने अपने विधायक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी चम्पावत से जल्द झूला पुल निर्माण की मांग की है। साथ ही यह भी आग्रह किया है कि पुल बनने तक कम से कम ट्रॉली की मरम्मत कर दी जाए, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को ऊफनती नदी में अपनी जान जोखिम में डालकर पार न करना पड़े।PSR उत्तरध्वनी न्यूज
फुरक्याझाला ट्रॉली पुल सुरक्षित और संचालित, अधिशासी अभियंता ने किया भ्रामक पोस्ट का खंडन
लोक निर्माण के अधिकारियों से हुई वार्ता
चम्पावत जनपद के फुरक्याझाला स्थित ट्रॉली को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक पोस्टों पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता श्री मोहन चन्द्र पलड़िया ने स्पष्ट किया है कि ट्राली पूरी तरह से सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित है। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण और रखरखाव कार्य के चलते ट्राली पर किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या अवरोध नहीं है, और ट्रॉली का संचालन प्रतिदिन निर्धारित समयानुसार किया जा रहा है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि विभाग समय-समय पर तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ट्राली की स्थिति की जांच करता है। जिला प्रशासन भी आवश्यकतानुसार सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी करता है, ताकि आवागमन में कोई बाधा न आए।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बिना पुष्टि के सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना का प्रसार न करें और अफवाहों से बचें। साथ ही यदि कहीं कोई तकनीकी समस्या, आपदा जनित स्थिति या खतरे की संभावना दिखे, तो तुरंत प्रशासन या संबंधित विभाग को सूचित करें।
प्रशासन ने दोहराया कि वह हर स्थिति में संवेदनशील है और ग्रामीणों को आवश्यक सहयोग, राहत सामग्री तथा आपदा प्रबंधन की सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराता रहेगा, ताकि किसी को भी कठिनाई का सामना न करना पड़े।
आज रविवार है और कल रक्षाबंधन था ये फोटो में साफ दिख रहा है स्कूल के यूनिफॉर्म में एक भी बच्चे नहीं है कहीं ये राजनीतिक षड्यंत्र तो नहीं है इसकी तह तक जाना बहुत जरूरी है इन व्यक्तियों की पहचान करनी भी बहुत जरूरी है जब शासन प्रशासन ने साफ-साफ शब्दों में सूचित कर रखा है नदी नालों के किनारे नहीं जाना है तो यह लोग वहां गए क्यों एक सवाल यहां पर भी संदेश पैदा करता हैं संगठन से नाराज चल रहे व्यक्तियो की कहीं यह चाल तो नहीं हैं