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चंपावत में आत्मीय नेतृत्व की मिसाल श्रीमती गीता पुष्कर धामी की मौजूदगी ने सरस कॉर्बेट महोत्सव को बनाया यादगार
चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव 2026 के अवसर पर श्रीमती गीता पुष्कर धामी की गरिमामयी एवं आत्मीय उपस्थिति ने पूरे आयोजन को विशेष सम्मान, संवेदना और सामाजिक ऊर्जा से भर दिया। टनकपुर, जनपद चंपावत में उनका आगमन केवल एक औपचारिक सहभागिता नहीं, बल्कि जनता के प्रति पारिवारिक स्नेह, विश्वास और गहरे जुड़ाव का सशक्त संदेश बनकर उभरा।
चंपावत वही जनपद है, जहाँ से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विधायक के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनकी धर्मपत्नी का क्षेत्र में आकर आमजन, विशेषकर महिलाओं के बीच सहज रूप से घुलना-मिलना, सरकार और समाज के बीच मजबूत भावनात्मक सेतु के रूप में देखा गया।
स्वयं सहायता समूहों के बीच बैठकर किया संवाद
श्रीमती गीता पुष्कर धामी ने स्वयं सहायता समूह की बहनों के साथ ज़मीन पर बैठकर न केवल संवाद किया, बल्कि उनके द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों का अवलोकन कर खुले मन से सराहना भी की। उन्होंने महिलाओं के परिश्रम, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को क्षेत्रीय विकास की ठोस नींव बताया।
श्रम की गरिमा को दिया सम्मान
महोत्सव के दौरान उन्होंने भोजन निर्माण में स्वयं हाथ बंटाकर श्रम की गरिमा को सम्मान दिया। प्रत्येक महिला के आत्मविश्वास, हुनर और संघर्ष की उन्होंने खुले शब्दों में प्रशंसा की। उनका यह व्यवहार इस बात का प्रमाण बना कि वे केवल एक जनप्रतिनिधि की धर्मपत्नी नहीं, बल्कि समाज की बहनों की सच्ची हितैषी और प्रेरणास्रोत हैं।
नारी सशक्तिकरण पर सशक्त संदेश
अपने संबोधन में श्रीमती धामी ने स्वयं सहायता समूहों को सामाजिक परिवर्तन की धुरी बताते हुए कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता ही किसी भी क्षेत्र की स्थायी प्रगति का आधार होती है। उन्होंने गुणवत्ता, नवाचार और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का आह्वान किया।
उनकी सादगी, मधुर व्यवहार और आत्मीय संवाद ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह नेतृत्व केवल शासन तक सीमित नहीं, बल्कि जनता को परिवार मानकर चलने वाली संवेदनशील सोच का प्रतिनिधित्व करता है।
सेवा, समर्पण और संवेदनशील नेतृत्व का प्रतीक
श्रीमती गीता पुष्कर धामी की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि चंपावत में नारी सम्मान और महिला सशक्तिकरण केवल नारे नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और संवेदनशील नेतृत्व से जुड़ा एक सशक्त संकल्प है — जो जनपद के समग्र विकास को नई दिशा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।