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टनकपुर बना संगीत का रणक्षेत्र, सुरों ने मचाया तूफान श्वेता, इंदर और बेबी प्रियंका ने रचा स्वर्णिम इतिहास जनसैलाब, जोश, जुनून और लोकसंस्कृति की ज्वाला में धधका चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव 2026 का तीसरा दिन
चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव 2026 के तीसरे दिन टनकपुर ऐसा झूमा कि पूरा नगर संगीत की लय में सांस लेने लगा। यह केवल सांस्कृतिक संध्या नहीं, बल्कि लोकसंस्कृति का महाविस्फोट था, जिसने देर रात तक शहर को झंकृत रखा।
लोकधुनों से गूंजा मंच — बेबी प्रियंका ने रचा सुरों का जादू
कार्यक्रम का शुभारंभ होते ही मंच पर आईं बेबी प्रियंका और पहले ही स्वर में दर्शकों के दिल जीत लिए। कुमाऊँ की पारंपरिक लोकधुनों ने माहौल को आत्मीयता, संस्कार और सांस्कृतिक गौरव से भर दिया। तालियों की गूंज ने साफ कर दिया कि यह रात ऐतिहासिक होने वाली है।
इंदर आर्या की एंट्री — भीड़ बेकाबू, जोश चरम पर
इसके बाद मंच संभाला युवा गायक इंदर आर्या ने
चूड़ी तेरा हाथ में”, “राइफल मेरी कानी मा” और “लुणा रोटी खून” जैसे सुपरहिट गीतों ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक अपनी कुर्सियां भूल गए। पूरा पंडाल एक साथ गाने लगा, नाचने लगा और तालियों से आसमान गूंज उठा।
श्वेता महारा की धमाकेदार एंट्री — मंच बना महोत्सव का शिखर
जैसे ही मंच पर कदम रखा श्वेता महारा ने, माहौल में मानो बिजली दौड़ गई।
कुमाऊनी, हरियाणवी और भोजपुरी सुपरहिट गीतों की लगातार प्रस्तुति ने कार्यक्रम को आग की तरह भड़का दिया। उनकी ऊर्जावान परफॉर्मेंस, आत्मविश्वास और मंचीय करिश्मे ने हर आयु वर्ग को झूमने पर मजबूर कर दिया — युवा, महिलाएं, बुजुर्ग, सभी एक लय में नजर आए।
मोबाइल की चमकती लाइटें
रुक-रुक कर नहीं बल्कि गरजती तालियां
उमड़ता जनसमुद्र
इन सबने मिलकर तीसरे दिन की स्टार नाइट को अविस्मरणीय, ऐतिहासिक और रिकॉर्डतोड़ बना दिया।
पारंपरिक परिधान स्थानीय बोली के गीत लोकसंगीत की आत्मा
इस सांस्कृतिक संध्या ने लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ा और साबित कर दिया कि कुमाऊँ की संस्कृति सिर्फ सुनी नहीं जाती, महसूस की जाती है।
टनकपुर देर रात तक जागता रहा जहां सुरों ने राज किया जहां संस्कृति ने इतिहास लिखा