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वन्यजीव तस्करों पर चम्पावत एसओजी का करारा वार गुलदार की खाल के साथ तस्कर गिरफ्तार, वन्यजीव माफिया में मचा हड़कंप
जनपद चम्पावत
उत्तराखंड की शांत वादियों में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चम्पावत पुलिस ने ऐसा प्रहार किया है, जिससे तस्करों की कमर टूट गई है।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के सशक्त निर्देशन व कठोर नीति के तहत वन्यजीव अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एसओजी चम्पावत ने एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।
चल्थी क्षेत्र से गुलदार की खाल सहित तस्कर दबोचा गया
दिनांक 19 फरवरी 2026 को क्षेत्राधिकारी टनकपुर सुश्री वंदना वर्मा के निर्देशन में एसओजी चम्पावत, चल्थी पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने सटीक सूचना, जबरदस्त सुरागरसी और पेशेवर रणनीति के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट – कार्रवाई के असली हीरो
इस पूरे अभियान की कमान संभाल रहे एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट ने जिस सूझबूझ, साहस और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया, वह काबिले-तारीफ है।
वन्यजीव तस्करों की हर चाल पर पैनी नजर, टीम का बेहतरीन समन्वय और बिना किसी चूक के की गई यह कार्रवाई कमलेश भट्ट की तेज-तर्रार कार्यशैली को साफ दर्शाती है।
जनपद में यह संदेश स्पष्ट है — “एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट की निगाह से अपराधी बच नहीं सकता।”
गिरफ्तार अभियुक्त
ईश्वर राम उर्फ दीपक
पुत्र – लखराम | उम्र – 43 वर्ष
निवासी – तल्ली खटोली, चौकी चल्थी, थाना/जनपद चम्पावत
अभियुक्त के कब्जे से
गुलदार (तेंदुए) की खाल – लंबाई लगभग 162 सेमी, उम्र करीब 2 वर्ष
Oppo मोबाइल फोन
₹540 नगद
बरामदगी के आधार पर अभियोग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की गंभीर धाराओं 9/39/48(A)/44/49(B)/51/52 के अंतर्गत रेंज कार्यालय सुखीढांग में पंजीकृत किया गया।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा
अभियुक्त ने कबूल किया कि यह गुलदार लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व जंगली जानवरों के लिए लगाए गए फंदे में फँसकर मारा गया था और वह इसकी खाल को ₹2 लाख में टनकपुर में बेचने जा रहा था।
पुलिस टीम (एसओजी)
SI कमलेश भट्ट – एसओजी प्रभारी
SI राकेश कठायत
हे.का. ललित श्रीवास्तव
हे.का. तपेन्द्र जोशी
का. ललित चौधरी
का. राजकुमार
का. सूरज कुमार
का. उमेश राज
का. नासिर हुसैन
का. कमलनाथ गोस्वामी
वन विभाग टीम
क्षेत्राधिकारी गुलजार हुसैन
वन दरोगा गिरीश जोशी
वन आरक्षी गौरव
वन आरक्षी संजय सिंह
चम्पावत पुलिस की सख्त अपील
वन्यजीवों की तस्करी केवल अपराध नहीं, बल्कि प्रकृति के विरुद्ध युद्ध है।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 112 पर दें।
चम्पावत पुलिस – प्रकृति की प्रहरी, अपराधियों की काल।