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मीडिया में सच आते ही हरकत में जिला प्रशासन, लापरवाह तंत्र पर सवाल — मौके पर पहुंचा राजस्व विभाग
चंपावत उत्तर ध्वनि न्यूज़ की रिपोर्ट से मचा प्रशासनिक भूचाल मजपीपल गांव में भय और अंधेरे पर डीएम का सख़्त संज्ञान, अधिकारियों की दौड़
जनपद चंपावत उत्तर ध्वनि न्यूज़ में प्रकाशित भय और अंधेरे में जीने को मजबूर मजपीपल गांव की रिपोर्ट ने जिला प्रशासन को झकझोर कर रख दिया। वर्षों से उपेक्षा, अंधेरे और असुरक्षा में जी रहे गांव की सच्चाई सामने आते ही जिलाधिकारी ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए तत्काल संज्ञान लिया और बिना किसी देरी के अधिकारियों को मौके पर भेजने के निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी के आदेश पर राजस्व विभाग के पटवारी द्वारा मजपीपल गांव का आपात स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में यह साफ हो गया कि गांव में मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम रही है, जिससे ग्रामीणों को भय, असुरक्षा और जोखिम भरे हालात में जीवन यापन करना पड़ रहा था।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों में वर्षों का आक्रोश और पीड़ा साफ झलकी। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि उत्तर ध्वनि न्यूज़ इस अंधेरे सच को उजागर न करता, तो शायद प्रशासन आज भी आंख मूंदे बैठा रहता। गांववासियों ने जिलाधिकारी के हस्तक्षेप पर संतोष जताते हुए लाखों दुआएं दीं।
पटवारी द्वारा मौके पर स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि
मकान निर्माण से जुड़े मामलों पर प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से गतिमान की जा रही है,
जबकि सोलर लाइट की स्थापना, सुरक्षा रेलिंग का निर्माण और पानी पीने वाले ऐतिहासिक नोले के जीर्णोद्धार के संबंध में विकास खंड अधिकारी, लोहाघाट को औपचारिक पत्र प्रेषित किया जा रहा है, ताकि संबंधित विभागों को बाध्यकारी कार्रवाई करनी पड़े।
ग्राम प्रधान रमेश सिंह का तीखा बयान
ग्राम प्रधान रमेश सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा—
> मजपीपल गांव प्रकृति की गोद में बसा है, लेकिन वर्षों से व्यवस्था की उपेक्षा का शिकार रहा। हमारा संकल्प स्पष्ट है—प्रकृति से छेड़छाड़ नहीं, लेकिन गांव का विकास भी अब रुकने नहीं दिया जाएगा। पानी का पुराना नोला हमारे पूर्वजों की धरोहर है, इसे नष्ट होने नहीं दिया जाएगा। प्रशासन को अब समयबद्ध और ज़मीनी कार्रवाई करनी ही होगी।
ग्राम प्रधान ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अब भी कार्यों में टालमटोल की गई, तो ग्राम पंचायत स्तर से आंदोलनात्मक रुख अपनाने से भी परहेज़ नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा कि ऐसा संवेदनशील और निर्णयात्मक जिलाधिकारी मिलना पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अब सिर्फ निरीक्षण नहीं, ठोस और स्थायी समाधान चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह निर्विवाद रूप से सिद्ध कर दिया है कि
उत्तर ध्वनि न्यूज़ केवल खबरें नहीं छापता, बल्कि व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करता है।
यह खबर नहीं, प्रशासनिक जवाबदेही की दस्तक है — और इसका असर अब ज़मीन पर दिखाई देने लगा है।