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भारत नेपाल सीमा से निकली अफसर बेटी: मजपीपल की रेनू बोहरा बनी उप निरीक्षक (SI), मडलक क्षेत्र की पहली बेटी ने रचा इतिहास नववर्ष 2026 पर गांव-जनपद-राज्य का नाम रोशन, वर्तमान में जनपद पिथौरागढ़ में हुई तैनाती
चम्पावत लोहाघाट (उत्तराखंड)
भारत-नेपाल सीमा से लगे सीमावर्ती गांव ग्राम पंचायत मजपीपल की बेटी रेनू बोहरा ने उत्तराखंड पुलिस में उप निरीक्षक (SI नागरिक पुलिस) पद पर चयनित होकर इतिहास रच दिया है। यह मडलक क्षेत्र के इतिहास में पहली बार हुआ है जब किसी बेटी ने इस प्रतिष्ठित पद पर चयन पाकर न केवल अपने परिवार बल्कि विकासखंड, जनपद चम्पावत और पूरे उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित किया है।
रेनू बोहरा के चयन के उपरांत उनकी वर्तमान नियुक्ति जनपद पिथौरागढ़ में की गई है, जहां वे अब कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगी। सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्र में तैनाती मिलना उनकी काबिलियत और प्रशासन के विश्वास को दर्शाता है।
नववर्ष 2026 पर मजपीपल गांव में उत्सव जैसा माहौल
नववर्ष 2026 के उपलक्ष्य में यह उपलब्धि दोहरी खुशी बनकर सामने आई है।
आज पूरे मजपीपल गांव में बधाइयों, मिठाइयों और खुशी का माहौल है। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है। हर ओर गर्व और उत्साह की लहर दिखाई दे रही है।
संघर्ष, मेहनत और संकल्प की जीत
सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद रेनू बोहरा ने यह सिद्ध कर दिया कि
अगर इरादे मजबूत हों तो सीमाएं भी रास्ता बन जाती हैं।
उनकी सफलता सीमावर्ती क्षेत्रों की बेटियों के लिए एक मजबूत प्रेरणा बनकर उभरी है।
समाज और बेटियों के लिए सशक्त संदेश
रेनू बोहरा की यह उपलब्धि केवल एक सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि
बेटियों के आत्मविश्वास की जीत
समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव
सीमावर्ती गांवों के युवाओं के लिए नई दिशा
का प्रतीक है।
गांव, जनपद और राज्य को गर्व
रेनू बोहरा के चयन और जनपद पिथौरागढ़ में नियुक्ति से
मजपीपल गांव, मडलक क्षेत्र, जनपद चम्पावत और पूरे उत्तराखंड में खुशी और गर्व का माहौल है।
नववर्ष 2026 की शुरुआत इस उपलब्धि के साथ होना क्षेत्र के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।
ग्राउंड रिपोर्ट : उत्तर ध्वनि न्यूज़
PSR उत्तराखंडी न्यूज़