🔊
चंपावत नववर्ष से पहले फुल एक्शन मोड में: पूर्णागिरि मेला सुरक्षा, परिवहन सख्ती, 48 करोड़ का पुल, प्रशासनिक जवाबदेही और गांव-गांव विकास की तस्वीर
चंपावत
नववर्ष 2026 और माँ पूर्णागिरि मेला को लेकर जनपद चंपावत प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। संभावित भारी भीड़, यातायात अव्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को देखते हुए परिवहन, पुलिस और जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है।
पूर्णागिरि मेला: टैक्सी चालकों पर सख़्ती, नशे में ड्राइविंग पर ज़ीरो टॉलरेंस
31 दिसंबर और नववर्ष के मौके पर पूर्णागिरि धाम में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए परिवहन विभाग ने साफ संदेश दिया है अनुशासन तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय है।
टैक्सी चालकों को श्रद्धालुओं से शालीन व्यवहार, तय किराया सूची का पालन, ओवरचार्जिंग से दूरी और नशे में वाहन न चलाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
कोहरे और रात्रिकालीन यात्रा को देखते हुए सभी वाहनों में रिफ्लेक्टर व सुरक्षा संकेतक अनिवार्य करने पर जोर दिया गया है।
31 दिसंबर को पूर्णागिरि तहसील में उप निबंधक कैम्प
आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 31 दिसंबर को श्री पूर्णागिरि तहसील परिसर में उप निबंधक कैम्प आयोजित किया जाएगा। जमीन-जायदाद से जुड़े कार्यों के लिए यह कैम्प क्षेत्रवासियों के लिए राहत लेकर आएगा।
पूर्णागिरि यात्रा को बारहमासी बनाने की तैयारी, 48.37 करोड़ के पुल को हरी झंडी
माँ पूर्णागिरि धाम की यात्रा को 12 माह संचालित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए किरोडा नाले पर 480 मीटर लंबे पुल के निर्माण को ₹48.37 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
यह पुल न सिर्फ़ श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि टनकपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगा।
सीएम हेल्पलाइन और आरटीएस: लापरवाही नहीं चलेगी
जिले में सेवा का अधिकार और सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण को लेकर प्रशासन ने सख़्त रुख अपनाया है।
पेयजल, बिजली, शिक्षा, राजस्व और पंचायत से जुड़ी शिकायतों पर मौके पर जांच कर त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए हैं।
साफ संकेत है अब फाइलों में शिकायतें दबेंगी नहीं।
शिक्षा में चंपावत की चमक
जनपद के तीन शीर्ष विद्यालयों और मेधावी छात्र-छात्राओं को पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह उपलब्धि बताती है कि सीमांत जिला होते हुए भी चंपावत शिक्षा के मोर्चे पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
कठनौली बना विकास की प्रयोगशाला: बागवानी ट्रैकिंग पर्यटन
कठनौली गांव में सामूहिक बागवानी, सेब और पर्सिम्मन की खेती तथा ट्रैकिंग पर्यटन की संभावनाओं को लेकर ठोस दिशा-निर्देश दिए गए।
आधुनिक कृषि, 80% अनुदान पर मशीनें और पर्यटन विकास से ग्रामीण आय बढ़ाने की योजना पर ज़ोर दिया गया है।
प्रशासन आमजन के बीच: हीरा देवी को मिलेगा भरण-पोषण
ग्रामीण संवाद के दौरान सामने आई सामाजिक पीड़ा पर प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया।
कठनौली की हीरा देवी को भरण-पोषण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, वहीं स्कूल, बिजली और सड़क से जुड़ी समस्याओं पर भी कार्रवाई के संकेत मिले।
खोजी-खोजी पत्रिका पूछती है
क्या ये फैसले काग़ज़ों से निकलकर ज़मीन पर उतरेंगे
क्या नववर्ष और पूर्णागिरि मेला प्रशासनिक व्यवस्थाओं की असली परीक्षा बनेगा
नज़र रहेगी, सवाल भी पूछे जाएंगे।
PSR | खोजी-खोजी पत्रिका | उत्तरध्वनि