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चम्पावत में विकास, पर्यटन और जनकल्याण को नई गति
जनपद चम्पावत से बहुत बड़ी खबर सामने आ रही हैं में राज्य सरकार के नेतृत्व में विकास, पर्यटन संवर्धन, ग्रामीण कनेक्टिविटी, जनकल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण पहलें की जा रही हैं। इसी क्रम में जनपद में पर्यटन सौन्दर्यकरण, सड़क सुदृढ़ीकरण, बहुउद्देशीय जन-जन शिविर, दुग्ध उत्पादन विस्तार तथा गंगा स्वच्छता की डिजिटल निगरानी जैसी योजनाएं धरातल पर साकार हो रही हैं।
माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की घोषणा के अंतर्गत जनपद के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल सिप्टी वाटरफॉल के सौन्दर्यकरण एवं गुल निर्माण कार्यों का जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस परियोजना हेतु ₹78.20 लाख की स्वीकृति के सापेक्ष ₹55.75 लाख की लागत से कुमाऊँ मण्डल विकास निगम लि०, नैनीताल द्वारा कार्य पूर्ण किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान ट्रैक रूट, मुख्य एंट्रेंस गेट, स्टोन मैसनरी बेंच, रेस्ट शेल्टर, साइनेज एवं अन्य संरचनाओं की गुणवत्ता की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कार्यों में गुणवत्ता एवं प्राकृतिक सौन्दर्य के अनुरूप विकास पर विशेष जोर दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में आपदा मद से ₹130 लाख की लागत से मंच–दुबाड़चौड़ (4.40 किमी) एवं सिप्टी–अमकड़िया (14.15 किमी) मार्गों का सुधार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य किया जा रहा है। इन सड़कों के सुधरने से ग्रामीण जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं अन्य मूलभूत सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी। अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई श्री टी. एन. बिष्ट ने बताया कि कार्यों में सुरक्षा दीवार, स्कबर, कॉजवे एवं डामरीकरण जैसे आवश्यक निर्माण शामिल हैं।
जनकल्याण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के तहत 26 दिसंबर 2025 को ग्राम पंचायत पोखरिखाल मैदान, बाराकोट में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में 23 विभागों द्वारा आमजन को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया जाएगा।
पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सशस्त्र सीमा बल (SSB) एवं दुग्ध संघ चम्पावत के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अंतर्गत अब चम्पावत, टनकपुर एवं पंचेश्वर क्षेत्र में SSB को नियमित रूप से दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय पशुपालकों को स्थायी बाजार मिलेगा।
वहीं, गंगा नदी की स्वच्छता एवं पारदर्शी निगरानी के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) द्वारा गंगा पल्स डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अब सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की रियल-टाइम निगरानी कर सकेंगे।
इन सभी पहलों से स्पष्ट है कि जनपद चम्पावत में विकास, पर्यटन, ग्रामीण सशक्तिकरण, जनकल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण को एक साथ मजबूती मिल रही है, जो जनपद को नई पहचान देने में सहायक सिद्ध होगी।