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चम्पावत: विकास, कानून, खेल और जनसमस्याओं पर प्रशासन की सक्रिय पहल
जनपद चम्पावत में प्रशासनिक, सामाजिक, खेल एवं विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण गतिविधियाँ सामने आई हैं। क्षेत्र पंचायत चम्पावत की प्रस्तावित बैठक के स्थान में संशोधन किया गया है। अब यह बैठक 24 दिसंबर को पूर्वान्ह 11 बजे न्याय पंचायत सिप्टी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित होगी, जिसमें क्षेत्र पंचायत सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी प्रतिभाग करेंगे।
वहीं, नए आपराधिक कानूनों को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब BNS, BNSS और BSA जैसे संक्षिप्त रूपों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के पूर्ण नामों का प्रयोग किया जाएगा, जिससे आम जनता तक कानूनों की स्पष्ट जानकारी पहुंच सके।
ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में देवीधुरा के बैरख मेतणा गांव के हयात सिंह मेहरा और उनकी पत्नी विमला देवी आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बने हैं। पारंपरिक पंचक्की, जैविक खेती, मछली पालन, मशरूम उत्पादन और घरेलू उत्पादों के माध्यम से उन्होंने पहाड़ में रोजगार के नए रास्ते खोले हैं। ‘मेरा गृह उद्योग’ के जरिए स्थानीय उत्पादों को बाजार भी मिल रहा है।
युवाओं और खिलाड़ियों के लिए खेल महाकुम्भ का आयोजन शुरू किया जा रहा है। न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें विभिन्न आयुवर्गों के खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रतियोगिताओं के माध्यम से फिट इंडिया, नशामुक्त उत्तराखंड और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
पर्यटन और धरोहर संरक्षण की दिशा में एबट माउंट की ऐतिहासिक चर्च और सिमेट्री के संरक्षण के लिए 50 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की गई है। इस परियोजना से हेरिटेज पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
जनता मिलन कार्यक्रम में 153 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें बिजली, सड़क, पानी, भू-कटाव, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामले शामिल रहे। एक मामले में बिजली बिल को 5533 रुपये से घटाकर 157 रुपये किया गया। शमशान घाटों की स्थिति सुधारने के लिए 10 दिन में रिपोर्ट तलब की गई है।
सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दुर्घटना बहुल्य स्थलों को विशेष रंग से चिन्हित करने, ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार, नशे में ड्राइविंग पर सख्त चालान और पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। नशे में वाहन चलाने पर अब एसडीएम और तहसीलदार स्तर से भी चालानी कार्रवाई की जाएगी।
इन सभी पहलों के माध्यम से जनपद में विकास, सुरक्षा, पारदर्शिता और जनसरोकारों को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।