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देवीधुरा की ऐतिहासिक बग्वाल — सात मिनट तक चला रोमांच, 150 से अधिक वीर चोटिल
चम्पावत। पाटी ब्लाक रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक बग्वाल मेले ने हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खोलीखांड दुआचौड़ मैदान में परंपरागत रूप से खेले जाने वाले इस अद्वितीय आयोजन में चारों खामों—वालिक, गहड़वाल, चम्याल और लमगड़िया—के वीरों ने हिस्सा लिया।
दोपहर 1:57 बजे मां बाराही मंदिर से शंखनाद होते ही बग्वाल का आगाज़ हुआ और दोनों ओर से पत्थर, फल और फूल बरसने लगे। मात्र नौ मिनट चली इस रोमांचक बग्वाल में 150 से अधिक बग्वाली वीर चोटिल हुए, जबकि कुल 550 से अधिक वीरों ने भाग लिया।
मंदिर के पुजारी पीतांबर वस्त्र में चंवर झुलाते हुए मैदान में पहुंचे, जिसके साथ ही बग्वाल समाप्त हुई। आयोजन समाप्त होते ही प्रतिद्वंद्वी वीर गले मिलकर कुशलक्षेम पूछने लगे।
इस वर्ष सभी खामों के प्रतिभागी कुर्ता-पाजामा और पगड़ी के ड्रेस कोड में नजर आए। आयोजन स्थल पर तीन चिकित्सा शिविर लगाए गए थे, जिनमें सीएमओ डॉ. देवेश चौहान के नेतृत्व में घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
फोटो कैप्शन: खोलीखांड दुआचौड़ मैदान में ऐतिहासिक बग्वाल खेलते बग्वाली वीर।