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चम्पावत में विकास तथा जनसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक कदम उठाए गए हैं। जिले में सड़क सुरक्षा, औद्यानिक विकास, स्वास्थ्य निरीक्षण, सामाजिक सुरक्षा तथा सार्वजनिक सुविधा व्यवस्थाओं को मजबूत करने हेतु ठोस कार्यवाही की जा रही है।
चम्पावत
राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर बाघधारा के पास एक वाहन दुर्घटना में 10 लोग प्रभावित हुए, जिनमें से 5 की मृत्यु हो गई तथा 5 घायलों का उपचार उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट में चल रहा है। प्रशासन, पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित रेस्क्यू कर सभी को अस्पताल पहुँचाया गया। दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश दिए गए हैं तथा मृतकों के आश्रित परिवारों को राहत राशि उपलब्ध कराई गई है।
किसान हित में औद्यानिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 98.18 लाख रुपये का पैकेज स्वीकृत किया गया है। प्रथम किस्त के रूप में 58.908 लाख रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इस धनराशि का उपयोग फलोद्यानों के सघनीकरण, नर्सरी विकास, उन्नत पौध-प्रजातियों के रोपण, माइक्रो सिंचाई, जल संरक्षण आधारित मॉडल, प्रशिक्षण एवं आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में किया जाएगा। इन पहलों से किसानों की आय बढ़ेगी तथा चम्पावत को “फ्रूट हब” के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस प्रगति होगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में “सुरक्षित दवा–सुरक्षित जीवन” अभियान के तहत संयुक्त टीम द्वारा मेडिकल प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने दवाओं के भंडारण, लाइसेंस एवं विक्रय से संबंधित प्रावधानों की जांच की। फर्म स्वामियों को एक्सपायर्ड दवाओं के पृथक भंडारण, बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं की बिक्री पर रोक तथा सीसीटीवी रिकॉर्डिंग न्यूनतम 45 दिनों तक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए।
सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत गीता देवी, निवासी मंच, की पेंशन स्वीकृति सुनिश्चित की गई। आवश्यक दस्तावेजों के आवेदन, प्रस्ताव तथा संपूर्ण कार्यवाही पूर्ण कर पेंशन स्वीकृत की गई, जिससे उन्हें सीधा लाभ प्राप्त हुआ है।
ठंड के बढ़ते प्रभाव के मद्देनज़र जिले भर में गर्म कपड़ों, रैन बसेरों तथा प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई। इन अलावों से राहगीरों, व्यापारियों एवं आमजन को ठंड से राहत मिली है। संबंधित अधिकारी सतत निगरानी व समय-समय पर समीक्षा कर रहे हैं।
टनकपुर क्षेत्र में एक नया मिनी विकास भवन बार भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। लगभग 533.79 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन प्रशासनिक सेवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराएगा। इससे लोगों को सामान्य कार्यों के लिए जिला मुख्यालय न जाना पड़ेगा तथा व्यापारिक, धार्मिक, परिवहन व सीमा क्षेत्र से जुड़े नागरिकों को त्वरित सेवाएँ मिल सकेंगी। भवन में राजस्व, विकास, सामाजिक कल्याण, शिकायत निस्तारण एवं अन्य विभागों की सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। यह टनकपुर एवं पूर्णागिरि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जिले में विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही इन सभी पहलुओं से जनसेवा विकास सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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