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देवलहाट बन रहा है प्रमुख हिंदू धार्मिक पर्यटन केंद्र देवलहाट बन्दैछ प्रमुख हिन्दू धार्मिक पर्यटन गन्तव्य
बैतड़ी | Desk Report
दशरथचंद नगरपालिका–४ में स्थित पवित्र देवस्थल देवलहाट तेजी से एक प्रमुख हिंदू धार्मिक–पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है। नगर केंद्र से मात्र 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित यह क्षेत्र अपने शक्तिपीठों, प्राचीन धार्मिक इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता के कारण भक्तों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
क्षेत्र में स्थित कृल्लेकोट दरबार, पंचदेव शिवधाम–सप्तदेवल, शिवकुंड, कालभैरव, सहस्त्रलिंग, मालिका, दुर्गाभगवती, बामुनी आमा मंदिर, बडबाबा (पिजस बुबु), लटैनाथ बाबा जैसे पवित्र स्थलों पर प्रतिदिन हजारों भक्त दर्शन व पूजा के लिए पहुँचते हैं।
शिवकुंड में पवित्र स्नान और सप्तदेवल में दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है। धार्मिक मान्यता और पुराणों में वर्णित अनेक कथाओं के कारण देवलहाट की पहचान एक प्रमुख आस्था स्थल के रूप में मजबूत हो रही है।
सड़क सुविधा में सुधार और मठ–मंदिरों तक आसान पहुँच के बाद देवलहाट को अब बैतड़ी के भावी प्रमुख हिंदू तीर्थ क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय समुदाय ‘अपना स्थान–हम स्वयं बनाएं’ अभियान के तहत मठ–मंदिर संरक्षण और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। स्थानीय सरकार और समुदाय मिलकर देवलहाट को हिंदू श्रद्धा, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सौंदर्य के अनोखे संगम के रूप में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है
देवलहाट में आस्था, इतिहास और प्रकृति एक ही स्थान पर मिलने का अद्भुत अनुभव है। यह सचमुच अनोखा धार्मिक गंतव्य है।
बैतडी | Desk Report (नेपाली संस्करण)
दशरथचन्द नगरपालिका–४ स्थित पवित्र देवस्थल देवलहाट पछिल्लो समय हिन्दू धर्मावलम्बीहरूको प्रमुख आस्था–केन्द्रको रूपमा तीव्र गतिमा विकसित भइरहेको छ। नगर केन्द्रबाट करिब ३ किलोमिटर दूरीमा रहेको यो क्षेत्र शक्तिपीठको घनत्व, पुरातात्विक महत्व र प्राकृतिक सौन्दर्यका कारण भक्तजनको पहिलो रोजाइ बन्दै गएको हो।
यहाँका कृल्लेकोट दरबार, पञ्चदेव शिवधाम–सप्तदेवल, शिवकुण्ड, कालभैरव, सहस्त्रलिङ्ग, मालिका, दुर्गाभगवती, बामुनी आमा, बडबाबा (पिजस बुबु), लटैनाथ बाबा जस्ता मठ–मन्दिरहरूमा दैनिक रूपमा ठूलो संख्यामा भक्तजन पुग्ने गरेका छन्।
विशेषगरी शिवकुण्डमा पवित्र स्नान तथा सप्तदेवलमा दर्शन गर्न आउने भक्तहरूको संख्या वर्षेनि बढ्दै गएको धार्मिक अगुवाहरूको भनाइ छ।
यातायात संरचना सुधारसँगै देवलहाटलाई बैतडीको आगामी प्रमुख हिन्दू तीर्थ–क्षेत्र का रूपमा हेरिन थालिएको छ।
‘आफ्नो ठाउँ–आफै बनाऔँ’ अभियानमार्फत स्थानीय समुदाय मठ–मन्दिर संरक्षण तथा विकासमा सक्रिय छ। स्थानीय सरकार, समुदाय तथा धार्मिक सरोकारवालाको सहकार्यले देवलहाटलाई हिन्दू श्रद्धा, आध्यात्मिकता र प्राकृतिक सौन्दर्यको संगम का रूपमा विश्वसामु चिनाउन लक्ष्य बनाइएको छ।
स्थानीयवासीहरूले भने
देवलहाटमा आस्था, इतिहास र प्रकृतिको अनौठो संगम पाइन्छ। यो साँच्चै अद्वितीय धार्मिक गन्तव्य हो।