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पीएसआर उत्तर ध्वनि न्यूज़ का असर: शहीद के अपमान और वायरल वीडियो के बाद अधिवक्ता अजय भदौरिया ने लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी को भेजा कानूनी नोटिस
हरिद्वार/चंपावत।
लोहाघाट क्षेत्र में इन दिनों एक विवादित वीडियो ने सियासी हलचल मचा दी है। वीडियो में लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी द्वारा पुलिस अधिकारी के साथ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद जनता, सामाजिक संगठनों और अधिवक्ता समुदाय में नाराज़गी बढ़ गई।
इसी मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थाई अधिवक्ता, नैनीताल हाईकोर्ट (हरिद्वार) अजय भदौरिया एडवोकेट ने विधायक खुशाल सिंह अधिकारी को औपचारिक कानूनी नोटिस जारी किया है।
नोटिस में शहीद परिवार के अपमान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पूरे प्रकरण को लगातार उठाने और सार्वजनिक मंच तक पहुँचाने में पीएसआर उत्तर ध्वनि न्यूज़ की रिपोर्टिंग का असर साफ दिखाई दे रहा है। हमारी कल की रिपोर्ट के बाद ही मामला व्यापक चर्चा में आया और अधिवक्ताओं ने भी इस पर तत्काल संज्ञान लिया।
नोटिस में उठाए गए मुख्य बिंदु
अजय भदौरिया एडवोकेट द्वारा भेजे नोटिस में तीन बड़े मुद्दे विस्तार से उठाए गए हैं:
1. वायरल वीडियो में पुलिस अधिकारी का अपमान
नोटिस में कहा गया है कि वीडियो में विधायक द्वारा पुलिस अधिकारी के प्रति अनुचित, अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है।
अधिवक्ता ने इसे जनप्रतिनिधि की शपथ का उल्लंघन बताया और इसे गंभीर अपराध की श्रेणी में माना।
2. शहीद दीपक सिंह के परिजनों के प्रति गलत व्यवहार का आरोप
नोटिस में यह भी उल्लेख है कि 24.11.2025 को शहीद दीपक सिंह के परिजनों के घर पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विधायक द्वारा कथित रूप से असम्मानजनक व्यवहार किया गया।
नोटिस में लिखा है कि
विधायक ने शहीद के परिवारजनों को उचित सम्मान नहीं दिया
ग्रामीणों और परिजनों के बीच गलत माहौल बना
जनता की भावनाओं को ठेस पहुँची
इस आधार पर अधिवक्ता ने विधायक से तत्काल लिखित माफ़ी माँगने और जनता को स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
3. सामाजिक मर्यादा को ठेस और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
नोटिस में कहा गया है कि विधायक का यह व्यवहार न केवल गलत है बल्कि सामाजिक मर्यादा, कानूनी नियमों और लोकतांत्रिक नैतिकता का उल्लंघन है।
अधिवक्ता ने 5 दिन के भीतर लिखित जवाब माँगा है।
अन्यथा, आगे कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
पीएसआर उत्तर ध्वनि न्यूज़ का असर स्पष्ट
पीएसआर उत्तर ध्वनि न्यूज़ ने
वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की
शहीद परिवार के अपमान के मुद्दे को उठाया
जनता की भावनाओं को सामने रखा
और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग कर मामले को प्रमुखता दी
इसी सक्रिय पत्रकारिता का परिणाम है कि मामला अब कानूनी स्तर पर पहुँच चुका है।
अब आगे क्या
कानूनी नोटिस जारी होने के बाद अब सभी की निगाहें विधायक की प्रतिक्रिया पर हैं।
यदि विधायक की प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं रही, तो मामला अदालत तक पहुंच सकता है।
स्थानीय लोगों में भी इस मुद्दे पर काफी नाराजगी देखी जा रही है और आने वाले दिनों में यह विवाद और भी गरम हो सकता है।