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लोहाघाट SBI पुल हिंडोला शाखा में बदतमीजी की हद: बैंक अधिकारी सवालों के घेरे में ग्राहक सेवा हुई तार-तार
जनपद चंपावत के लोहाघाट क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक, पुल हिंडोला शाखा इन दिनों विवादों में है।
ग्राहक सेवा को लेकर शाखा के रवैये पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
PSR उत्तर ध्वनि न्यूज़ के संपादक पुष्कर सिंह बोहरा ने बताया कि उनके खाते से कुछ राशि कटी हुई दिखाई दी, जिसे लेकर उन्होंने स्पष्ट जानकारी पाने के लिए सीधे अकाउंट डिपार्टमेंट / कैशियर से फोन पर संपर्क किया।
लेकिन कैशियर का रवैया इतना असभ्य और गैर-जिम्मेदाराना था कि सामान्य जानकारी पूछने पर भी उसने रूखे और अपमानजनक शब्दों में बात की।
इसके बाद जब पूरे मामले का उत्तर जानने के लिए बैंक में दुबारा संपर्क किया गया, तो व्यवहार भी उतना ही आपत्तिजनक पाया गया।
सूत्रों के अनुसार केशियर ने फोन पर यह तक कह दिया
तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई हमें फोन करने की
ऐसी भाषा किसी भी सरकारी बैंक अधिकारी के लिए न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि बैंकिंग आचार संहिता का सीधा उल्लंघन भी है।
ग्राहकों पर चिल्लाना, जवाब न देना क्या यही है SBI की ग्राहक सेवा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है।
इस शाखा में
कैशियर का रूखा व्यवहार
ग्राहक की बात न सुनना
छोटी-सी पूछताछ पर भी चिढ़ जाना
मैनेजर का संरक्षण देना ही माना जा रहा हैं
जैसी शिकायतें पहले भी उठ चुकी हैं, लेकिन कभी किसी ने कार्रवाई नहीं की।
शाखा में अनुशासनहीनता पर गहराए सवाल
बैंक अधिकारी पर आरोप है कि वे ग्राहक शिकायतों को हल करने के बजाय
बात काटते हैं
जवाब देने से बचते हैं
और ऊपर से बदतमीजी कर देते हैं।
ऐसे में प्रश्न उठता है:
क्या ऐसे कर्मचारी बैंक जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में काम करने लायक हैं?
क्या SBI प्रशासन को इस तरह के रवैये की जानकारी है?
क्या ग्राहक अधिकार केवल कागजों में ही सीमित हैं?
PSR उत्तर ध्वनि न्यूज़ की मांग
ग्राहकों की भावना और बैंकिंग नियमों को ध्यान में रखते हुए हम मांग करते हैं—
SBI को इन अधिकारियों के व्यवहार की उच्चस्तरीय जांच करनी चाहिए।
आचार संहिता तोड़ने वाले कर्मचारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
ग्राहक सेवा सुधारने के लिए शाखा में प्रशिक्षण और निगरानी अनिवार्य की जाए।
अंतिम सवाल:
क्या आम ग्राहक बैंक में सवाल पूछने भी डरें?
या फिर SBI प्रशासन इस ढीली व्यवस्था पर अंकुश लगाएगा?
PSR उत्तर ध्वनि न्यूज़ इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे उच्च अधिकारियों और बैंक मुख्यालय तक पहुंचाया जाएगा।