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जनपद चम्पावत: सोशल मीडिया भ्रामक पोस्ट का खंडन, भूकम्प बचाव हेतु मॉक ड्रिल आयोजित
जनपद चम्पावत में शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण घटनाएँ चर्चा में रहीं—एक ओर स्वामी प्रेम सुगन्ध महाराज जी के विरुद्ध सोशल मीडिया में प्रसारित भ्रामक पोस्ट का पुलिस द्वारा सत्यापन और खंडन किया गया, वहीं दूसरी ओर पुलिस एवं विभिन्न विभागों ने संयुक्त रूप से भूकम्प से बचाव हेतु व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया।
सोशल मीडिया पर भ्रामक आरोपों का खंडन, आरोपी ने मांगी माफी
ग्राम पुनेठी छतार निवासी श्री विवेक बिष्ट तथा नाखुड़ा, खरई निवासी श्री गणेश दत्त भट्ट एवं श्री भोला दत्त भट्ट द्वारा थानाध्यक्ष पाटी के समक्ष शिकायती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था।
शिकायत में कहा गया कि हरीश शर्मा उर्फ नरेन्द्र उत्तराखण्डी द्वारा स्वामी प्रेम सुगन्ध महाराज जी पर सोशल मीडिया प्लेटफार्मों—व्हॉट्सऐप, इंस्टाग्राम आदि—पर हत्या, बलात्कार एवं भूमि घोटाले जैसे गंभीर, झूठे एवं भ्रामक आरोप लगाए गए थे।
थानाध्यक्ष पाटी द्वारा की गई जांच में पाया गया कि —
लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण या तथ्य नहीं मिले।
सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट को हटा दिया गया।
आवेदकगण व उनके परिजनों ने भी आरोपों को असत्य बताते हुए खंडन किया।
जांच के उपरांत हरीश शर्मा उर्फ नरेन्द्र उत्तराखण्डी ने स्वीकार किया कि उसने केवल सुनी-सुनाई बातों के आधार पर बिना साक्ष्य के यह सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी थी।
उसने लिखित रूप से माफीनामा प्रस्तुत कर कहा कि उसकी पोस्ट से आहत लोगों से वह क्षमा चाहता है तथा भविष्य में बिना सबूत के किसी भी प्रकार की पोस्ट नहीं करेगा।
चम्पावत पुलिस, SDRF और आपदा प्रबंधन द्वारा भूकम्प मॉक ड्रिल
चम्पावत पुलिस, फायर सर्विस, SDRF, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों ने संयुक्त रूप से व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया।
इसका उद्देश्य आमजन को भूकम्प के दौरान सुरक्षित रहने के व्यवहारिक उपायों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। टीमों ने वास्तविक परिस्थितियों की तरह प्रतिक्रिया अभ्यास करवाया तथा निम्न प्रमुख बिंदुओं पर जागरूकता दी
भूकम्प के दौरान प्रमुख सावधानियाँ
ड्रॉप – कवर – होल्ड
तकनीक अपनाना
खुले स्थान में सुरक्षित दूरी बनाए रखना
कमरों में होने पर मजबूत टेबल व दीवार के कोने की आड़ लेना
घबराहट न करना और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा पर ध्यान देना
मुख्य झटके के बाद सुरक्षित स्थान पर पहुँचकर आफ्टरशॉक के प्रति सतर्क रहना
राहत एवं बचाव दल, पुलिस व प्रशासन के निर्देशों का पालन करना
चम्पावत पुलिस ने बताया कि ऐसे मॉक ड्रिल भविष्य में भी निरंतर संचालित किए जाएंगे ताकि जनपद भूकम्प जैसी आकस्मिक आपदाओं से निपटने को तैयार रहे।
निष्कर्ष
जनपद में एक ओर पुलिस ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए झूठी जानकारी का खंडन कराया, वहीं दूसरी ओर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने हेतु प्रभावी कदम उठाए गए।
दोनों घटनाओं ने प्रशासनिक तत्परता और जनसहभागिता की मजबूत तस्वीर पेश की।