🔊
चंपावत पुलिस का साइबर सुरक्षा जनजागरूकता कार्यक्रम
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती उत्सव के अवसर पर, जनपद चंपावत पुलिस द्वारा साइबर सुरक्षा जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
पुलिस अधीक्षक श्री अजय गणपति के निर्देशन में जनपद के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को साइबर अपराध, नए कानूनों, नशा उन्मूलन और महिला अपराधों के विरुद्ध सतत जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में आज श्री मनीष खत्री, प्रभारी साइबर सेल तथा कांस्टेबल पंकज शाही द्वारा चंपावत में आयोजित पेंशनर जागरूकता शिविर में पेंशनरों, राज्य आंदोलनकारियों, वरिष्ठ नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों को साइबर अपराधों से बचाव संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) जैसे नए साइबर अपराधों के तरीकों की जानकारी देकर लोगों को सतर्क किया गया।
बताया गया कि साइबर अपराधी अब वीडियो कॉल या फर्जी एजेंसी अधिकारी बनकर नागरिकों को ऑनलाइन गिरफ्तारी का भय दिखाते हैं और बैंक खातों से धनराशि हड़प लेते हैं।
साथ ही फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल, एप डाउनलोड (जैसे YONO, RTO चालान, विवाह निमंत्रण APK आदि) के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी से बचने के उपाय भी बताए गए।
साइबर सेल टीम ने जागरूक किया कि
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें,
व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें,
और किसी संदिग्ध कॉल पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
एंकर लाइन:
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है — Stop, Think and then Take Action.
कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी साइबर अपराध की सूचना तत्काल
???? 1930 नंबर पर दें या
???? www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
समापन:
रजत जयंती वर्ष के अवसर पर चंपावत पुलिस द्वारा संचालित यह जनजागरूकता पहल साइबर सुरक्षा के प्रति नागरिकों में सजगता और आत्मरक्षा की भावना को सशक्त बना रही है।
-