🔊
सीमा पर 8 नाली भांग नष्ट सवाल बना, इतनी बड़ी खेती प्रशासन की नज़र से अब तक ओझल क्यों?
चंपावत पंचेश्वर।
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के पंचेश्वर क्षेत्र में पुलिस व सशस्त्र सीमा बल की संयुक्त कॉम्बिंग में सोमवार को लगभग 8 नाली अवैध भांग की खेती उजागर होकर नष्ट कर दी गई। अभियान लुपड़ा, खाईकोट तल्ला, वलचौड़ा, धर्माघाट व रौसाल क्षेत्रों में चलाया गया।
कार्रवाई से नशे के खिलाफ पुलिस की तत्परता तो झलकती है, लेकिन इससे बड़े सवाल भी खड़े हुए हैं इतनी बड़ी भांग की खेती प्रशासन की नज़र से अब तक छुपी कैसे रही? जबकि राज्य सरकार कई वर्षों से सख्त आदेश जारी कर चुकी है कि भांग की खेती पर प्रतिबंध है।
स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि सिर्फ़ फसल नष्ट करने से समस्या हल क्यों नहीं होती? क्यों प्रभावी आर्थिक दंड नहीं लगाया जाता? क्यों दोषियों पर सख़्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती? बिना कठोर दंड और ठोस वैकल्पिक आजीविका योजनाओं के, हर साल यह खेती दोहराई जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अब केवल छापेमारी और नष्टिकरण से बात नहीं बनेगी। पारदर्शी कार्रवाई, दोषियों की सूची सार्वजनिक करना और कठोर आर्थिक दंड व पुनरावृत्ति रोकने वाली नीति ही स्थायी समाधान साबित हो सकती है।