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चंपावत: संघर्ष से सृजन तक, जिला बनने से लेकर आज तक की गौरवगाथा
चंपावत, उत्तराखंड का सीमांत जिला, जिसकी पहचान अपने ऐतिहासिक वैभव, धार्मिक महत्व और साहसी जनता के कारण होती है। यह जिला 15 सितम्बर 1997 को अस्तित्व में आया। तब से लेकर आज तक इसने विकास और उपलब्धियों का सफर तय किया है।
पिथौरागढ़ जिला गठन
गठन तिथि: 24 फरवरी 1960
पूर्व स्थिति: पिथौरागढ़ जिले का गठन अल्मोड़ा जिले की 30 पट्टियों और कुमाऊं के कापती खंड की दो पट्टियों को मिलाकर किया गया था।
जिला मुख्यालय: पिथौरागढ़ नगर
चंपावत जिला गठन
गठन तिथि: 15 सितंबर 1997
पूर्व स्थिति: चंपावत जिला पहले पिथौरागढ़ जिले का हिस्सा था, जिसे 15 सितंबर 1997 को अलग कर एक स्वतंत्र जिला बनाया गया।
जिला गठन और उसका महत्व
चंपावत जिला गठन
गठन तिथि: 15 सितंबर 1997
पूर्व स्थिति: चंपावत जिला पहले पिथौरागढ़ जिले का हिस्सा था, जिसे 15 सितंबर 1997 को अलग कर एक स्वतंत्र जिला बनाया गया।
जिले के जिलाधिकारी संघर्ष और नेतृत्व की यात्रा
गठन के बाद अब तक 24 जिलाधिकारी इस जिले का नेतृत्व कर चुके हैं। उनकी कार्यशैली, निर्णय क्षमता और जनसंपर्क ने जिले को नई दिशा दी।
सरल, मिलनसार और प्रशासनिक दृष्टि से सक्रिय अधिकारी।
सीमांत जिले में संसाधनों की कमी के बावजूद मजबूत प्रशासनिक ढांचा खड़ा किया।
जनता से सीधे संवाद और पारदर्शी कार्यशैली ने उन्हें विशेष पहचान दी।
2️⃣ वर्तमान जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार (21 जून 2025 ; वर्तमान)
जिले के 24वें जिलाधिकारी।
कानून-व्यवस्था, विकास कार्य और सीमांत जिले की चुनौतियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क परियोजनाओं पर विशेष ध्यान।
जनता और पत्रकारों से नियमित संवाद, जिससे भरोसे का माहौल मजबूत हुआ।
कार्यालय पता: कलेक्ट्रेट भवन, चंपावत 262523
संपर्क नंबर: 7579106767 (जिलाधिकारी कार्यालय)
अब तक के सभी जिलाधिकारी (1997,2025)
1. नवीन चंद्र शर्मा (02/10/1997
14/12/1999)
2. एस.के. माहेश्वरी (14/12/1999, 05/09/2001)
3. तारकेन्द्र वैश्नव (05/09/2001 ; 22/08/2003)
4. गोपाल कृष्ण द्विवेदी (22/08/2003 ; 14/06/2004)
5. अमित नेगी (14/06/2004 ; 01/04/2005)
6. दयाल सिंह नाथ (01/04/2005 ; 05/03/2006)
7. विनोद कुमार पाठक (05/03/2006 ; 30/10/2006)
8. डॉ. प्रताप सिंह गुसैन (30/10/2006 ; 05/10/2007)
9. कुणाल शर्मा (06/10/2007 ; 18/11/2007)
10. रमेश चंद्र पाठक (18/11/2007 ; 17/06/2008)
11. हरिताश गुलशन (18/06/2008 ; 01/11/2008)
12. अवनेन्द्र सिंह नयाल (08/11/2008 ; 16/08/2010)
13. डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय (16/08/2010 ; 24/09/2011)
14. आशीष जोशी (28/09/2011 ; 02/06/2012)
15. श्रीधर बाबू अड्डांकी (04/06/2012 ; 28/05/2013)
16. दीपेन्द्र कुमार चौधरी (01/06/2013 ; 01/06/2016)
17. डॉ. अहमद इकबाल (01/06/2016 ; 24/07/2018)
18. सुरेन्द्र नारायण पाण्डे (24/07/2018 ; 04/01/2019)
19. रणवीर सिंह चौहान (04/01/2019 ; 04/07/2019)
20. सुरेन्द्र नारायण पाण्डे (04/07/2019 ; 15/02/2021)
21. विनीत तोमर (15/02/2021 ; 26/04/2022)
22. नरेन्द्र सिंह भंडारी (26/04/2022 ; 25/07/2023)
23. नवनीत पांडे (12/08/2023 ; 21/06/2025)
24. मनीष कुमार (21/06/2025 ; वर्तमान)
राजनीतिक उपलब्धियाँ
जिले से अब तक कई विधायक चुने गए जिन्होंने विधानसभा में जिले की आवाज बुलंद की।
चंपावत जिले से निकले कई नेताओं ने राज्य सरकार में मंत्री के रूप में योगदान दिया।
सबसे बड़ी उपलब्धि यह कि यहां से श्री पुष्कर सिंह धामी जैसे जननेता मुख्यमंत्री बने, जो वर्तमान में उत्तराखंड की कमान संभाल रहे हैं।
गौरवशाली पहचान
धार्मिक स्थल: बाराही देवी मंदिर, बाणासुर किला।
संस्कृति: समृद्ध लोकगायन और परंपराएं।
भूगोल: नेपाल सीमा से सटा सीमांत जिला।
विकास: जिला बनने के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार।
निष्कर्ष
चंपावत जिले का सफर संघर्ष, समर्पण और सफलता का प्रतीक है।
आज यह जिला न सिर्फ सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा का प्रहरी है बल्कि उत्तराखंड की राजनीतिक और सांस्कृतिक धरोहर का गौरव भी है।
उत्तराखंड के सीमांत चंपावत जिले का 15 सितंबर 2025 को 28वां स्थापना दिवस मनाया गया। यह दिन जिले के संघर्ष, समर्पण और विकास की यात्रा की याद दिलाता है। चंपावत जिला पहले पिथौरागढ़ जिले का हिस्सा था, जिसे 15 सितंबर 1997 को मुख्यमंत्री मायावती के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक स्वतंत्र जिला घोषित किया था ।
प्रशासनिक संरचना और विकास
चंपावत जिला उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं मंडल में स्थित है और इसकी सीमा नेपाल, पिथौरागढ़, नैनीताल और उधम सिंह नगर जिलों से मिलती है। यह जिला 1,765.78 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या लगभग 2,59,648 है ।
अब तक के जिलाधिकारी (1997–2025)
चंपावत जिले में अब तक 24 जिलाधिकारी कार्यरत रहे हैं। वर्तमान में श्री मनीष कुमार, आईएएस, 21 जून 2025 से जिले के जिलाधिकारी हैं ।
विधानसभा क्षेत्र और विधायक
चंपावत जिले में दो विधानसभा क्षेत्र हैं:
1. चंपावत विधानसभा क्षेत्र:
विधायक: श्री पुष्कर सिंह धामी (भारतीय जनता पार्टी)
वर्तमान: मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
2. लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र:
विधायक: श्री खुशाल सिंह अधिकारी (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)
जिले की विशेषताएँ
धार्मिक स्थल: बाराही देवी मंदिर, बाणासुर किला
सांस्कृतिक धरोहर: समृद्ध लोकगायन और परंपराएँ
भूगोल: नेपाल सीमा से सटा सीमांत जिला
विकास: शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार
निष्कर्ष
चंपावत जिले का सफर संघर्ष, समर्पण और सफलता का प्रतीक है। यह जिला न केवल सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा का प्रहरी है, बल्कि उत्तराखंड की राजनीतिक और सांस्कृतिक धरोहर का गौरव भी है।
संपर्क विवरण
जिलाधिकारी कार्यालय: कलेक्ट्रेट भवन, चंपावत 262523
संपर्क नंबर: 7579106767