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जिलाधिकारी मनीष कुमार ने वन स्टॉप सेंटर का किया निरीक्षण — महिलाओं की सहायता सेवाओं की गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर
PSRउत्तर ध्वनि
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने आज चंपावत स्थित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सेवाओं, व्यवस्थाओं और सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों से संवाद करते हुए सेवा संचालन, पीड़ितों को दी जा रही सहायता और उनकी उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित यह वन स्टॉप सेंटर घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, पॉक्सो सहित सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को एक ही छत के नीचे अस्थायी आश्रय, पुलिस सहायता, विधिक परामर्श, चिकित्सा सेवा और मनो-सामाजिक काउंसलिंग जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराता है। जिलाधिकारी ने इस पहल को महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास की दिशा में एक सशक्त कदम बताया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीड़ितों की गोपनीयता सुनिश्चित करने, प्रत्येक मामले में संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और त्वरित सहायता प्रदान करने पर जोर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि सेंटर की सेवाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि जरूरतमंद महिलाएं समय पर इसका लाभ ले सकें।
जिलाधिकारी ने वन स्टॉप सेंटर परिसर की भौतिक स्थिति का भी निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त दीवार की मरम्मत, सीलनयुक्त कमरों के नवीनीकरण, रंगाई-पुताई एवं समुचित रखरखाव हेतु आवश्यक कार्यवाही तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर केंद्र संचालक रितु सिंह, काउंसलर नर्मदा रावत, केस वर्कर वंदना कार्की, आईटी स्टाफ मोनिका बोरा सहित अंजू, रश्मि एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।