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कुलसारी पहुँचा नंदा देवी राजजात अध्ययन दल, चेपड़ो होगा अगला पड़ाव
चमोली थराली। 2026 में प्रस्तावित हिमालयी महाकुंभ श्री नंदा देवी राजजात की तैयारियों को लेकर पिक्सल संस्था का पाँच सदस्यीय अध्ययन दल शुक्रवार को कुलसारी पहुँचा। काली मंदिर प्रांगण में महिला मंगल दल एवं स्थानीय लोगों ने पारंपरिक ढंग से दल का भव्य स्वागत किया।
इस मौके पर मंदिर परिसर में बैठक आयोजित कर आगामी यात्रा की रूपरेखा, कुलसारी पड़ाव की महत्ता तथा यहाँ संपन्न होने वाले काली पूजा-अनुष्ठान की जानकारी साझा की गई। गौरतलब है कि नंदा देवी राजजात का सातवाँ पड़ाव कुलसारी है, जिसे कैलाश यात्रा का ‘ससुराल का प्रथम पड़ाव’ भी कहा जाता है।
अध्ययन दल के संयोजक अतुल चंदोला ने बताया कि आलोक सती, पंकज कुमार, गणेश नौटियाल और आलोक कुमार इस दल में शामिल हैं। उनका अभियान पूर्णतः गैर-सरकारी है। दल 6 सितंबर को नोटी से यात्रा प्रारंभ कर सभी पड़ावों का अध्ययन करते हुए 280 किलोमीटर की पदयात्रा कर 25 सितंबर को पुनः नोटी लौटेगा। यात्रा का उद्देश्य ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के साथ-साथ ढांचागत सुविधाओं का आकलन कर शासन को अवगत कराना है।
कुलसारी पड़ाव समिति अध्यक्ष गोविंद सिंह भंडारी ने कहा कि गढ़वाल नरेश द्वारा नंदा राजजात की तिथियाँ तय करते समय कुलसारी अमावस्या पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है। उन्होंने विगत राजजात में कुलसारी पड़ाव की उपेक्षा का उल्लेख करते हुए सरकार से आगामी यात्रा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की।
इस अवसर पर महिलाओं ने नंदा के जागर गाए, वहीं बुजुर्गों व पुजारियों ने यात्रा से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारियाँ दल के साथ साझा कीं। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अनिता भंडारी, व्यापारी संघ अध्यक्ष महिपाल सिंह भंडारी, मंडल अध्यक्ष गिरीश चमोला सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, महिला मंगल दल की पदाधिकारी व सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
अध्ययन दल अब शनिवार को चेपड़ो पड़ाव के लिए रवाना होगा।