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भैंस पालन से आत्मनिर्भर बनीं चंद्रा देवी ग्राम गुरेली, विकासखंड लोहाघाट (चम्पावत)
चंपावत
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़कर महिलाओं की ज़िंदगी बदल रही है। इसी कड़ी में ग्राम गुरेली की चंद्रा देवी ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।
सफर की शुरुआत
नारायणी स्वयं सहायता समूह और बजरंगी महिला संकुल संघ से सक्रिय रूप से जुड़ीं।
समूह से ₹60,000 का सहयोग प्राप्त कर भैंस पालन शुरू किया।
आय का नया जरिया
अच्छी नस्ल की भैंस से रोज़ 5-6 लीटर दूध प्राप्त।
दूध व अन्य दुग्ध उत्पादों से ₹6,000 – ₹8,000 मासिक आय।
परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार।
चंद्रा देवी की बातें
मैं इस रोजगार को और बढ़ाना चाहती हूँ। आने वाले समय में भैंस पालन के साथ बकरी पालन भी करूंगी।
बदलाव की प्रेरणा
चंद्रा देवी की मेहनत और NRLM का सहयोग ग्रामीण महिलाओं के लिए रोज़गार और आत्मनिर्भरता का मजबूत उदाहरण बन गया है।