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भेदभाव झेल रहे फायर कर्मी नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट जिलाधिकारी ने नगर व अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था परखी
चंपावत। जिले में शुक्रवार का दिन तीन अलग-अलग चर्चित घटनाओं का गवाह बना। एक ओर जहां फायर सर्विस कर्मियों ने अपने साथ हो रहे भेदभाव को लेकर आवाज उठाई, वहीं दूसरी ओर नेपाल में अशांत हालातों के बीच पुलिस व एसएसबी को हाई अलर्ट पर रहना पड़ा। इस बीच जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आकस्मिक निरीक्षण कर नगर व चिकित्सालय की स्वच्छता व्यवस्थाओं को परखा।
फायर कर्मियों का रोष
अग्निशमन विभाग के कार्मिक पिछले 20 वर्षों की संतोषजनक सेवा के बावजूद पदोन्नति से वंचित हैं। वर्ष 2022 में जारी शासनादेश का लाभ पुलिस की अन्य शाखाओं को मिला, लेकिन फायर सर्विस में एएसआई के पद सृजित न होने से कर्मी निराशा में हैं। स्थिति यह है कि उनसे जूनियर पुलिसकर्मी एएसआई बनकर आज आदेश दे रहे हैं, जबकि फायर कर्मी मुख्य आरक्षी पद पर ही अटके हुए हैं।
नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट
पड़ोसी देश नेपाल में अशांति का असर सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी दिखाई दिया। एसएसबी और पुलिस ने संयुक्त गश्त कर सघन चेकिंग शुरू कर दी है। एसपी अजय गणपति व आईजी ने बॉर्डर का दौरा कर हालात का जायजा लिया। सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के चलते भारत-नेपाल सीमा पर 90 फीसदी से अधिक आवाजाही बंद हो गई है। सोशल मीडिया पर भी पुलिस पैनी नजर बनाए हुए है।
जिलाधिकारी का निरीक्षण
इधर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने लोहाघाट नगर और उप जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को परखा और अस्पताल के वार्ड, शौचालय, डिलीवरी रूम व ट्रामा सेंटर का जायजा लिया। डीएम ने मरीजों से आत्मीय संवाद कर उनका हालचाल जाना और चिकित्सालय की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि स्वच्छता किसी स्थान का दर्पण होती है और अस्पताल का अस्तित्व मरीजों से ही है। पुराने महिला चिकित्सालय भवन को तोड़कर नया भवन बनाने की घोषणा भी की गई।