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जिलाधिकारी के जन मिलन से बढ़ा भरोसा, बाराहीधाम में छात्रों का आंदोलन तेज
चंपावत।
जनपद चंपावत में प्रशासनिक पारदर्शिता और शिक्षा के सवाल दोनों ही इस समय सुर्खियों में हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार की "क्विक एक्शन" कार्य संस्कृति से लोगों का विश्वास तेजी से बढ़ रहा है, वहीं देवीधूरा के आदर्श राजकीय महाविद्यालय में छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर चुके हैं।
जन मिलन में उमड़ रही भीड़
जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक सोमवार को आयोजित जन मिलन कार्यक्रम में फरियादियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थिति यह है कि अब दरबार हाल छोटा पड़ने लगा है। जिलाधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि "जो लोग दुर्गम क्षेत्रों से समस्याएं लेकर आते हैं, उनके दर्द को अपना दर्द मानना ही असली प्रशासनिक संस्कृति है।"
सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में 74 लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनके त्वरित समाधान के आदेश दिए गए। दियूरि गांव के अंगद सिंह की दिव्यांग बेटी की पेंशन चालू करने के आदेश पर ग्रामीण की खुशी देखते ही बनती थी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण जन समस्याओं के समाधान को अपनी आदत बनाएं।
छात्रों का आंदोलन पकड़ रहा रफ्तार
दूसरी ओर, देवीधूरा स्थित आदर्श राजकीय महाविद्यालय में एमए कक्षाओं की शुरुआत और स्नातक स्तर पर नए विषय सृजन की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जोर पकड़ रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले चल रहा यह आंदोलन अब जन आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।
छात्र नेताओं देवेंद्र भट्ट और सुदीप चम्याल के नेतृत्व में निकाले गए शांतिपूर्ण जुलूस में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। लोगों का कहना है कि महाविद्यालय को स्थापित हुए 13 साल हो गए हैं, लेकिन एमए की कक्षाएं आज तक शुरू नहीं हुईं, जबकि अन्य जगह हाल ही में खुले कॉलेजों में यह सुविधा उपलब्ध है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा किए जाने के बावजूद विभागीय स्तर पर देरी हो रही है, जो संदेह पैदा करता है कि कहीं यह जानबूझकर मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश तो नहीं।
एक ओर प्रशासन की त्वरित कार्यवाही से लोगों का भरोसा तंत्र पर बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर शिक्षा के सवाल पर आंदोलन कर रहे छात्र क्षेत्र की उपेक्षा पर सवाल खड़े कर रहे हैं।