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आनंद अधिकारी जनता का प्रतिनिधि, मनीष कुमार प्रशासन का दिमाग: चंपावत मॉडल जिले की ओर
जनपद चंपावत
जिला पंचायत की पहली बैठक में दोनों की जोड़ी ने विकास, रोजगार और जनता की भलाई को प्राथमिकता बनाने का संकल्प लिया।
चंपावत:
जिला पंचायत की पहली बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी और जिलाधिकारी मनीष कुमार की जोड़ी ने मिलकर चंपावत को हिमालयी राज्यों का मॉडल जिला बनाने का संकल्प लिया। बैठक में सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर जिले की विकास योजनाओं पर चर्चा की।
जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि जिला पंचायत की जिम्मेदारी है कि वह जनता की उम्मीदों और समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रूप से काम करे। उन्होंने सभी सदस्यों और अधिकारियों का स्वागत किया और कहा कि हम सभी मिलकर टीम भावना के साथ चंपावत को आदर्श जिला बनाएंगे।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने भी बैठक में सुझाव देते हुए कहा कि जिला प्रशासन और पंचायत के बीच मजबूत तालमेल होना चाहिए। उन्होंने प्राथमिकताओं के आधार पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और जनहित के कामों पर विशेष जोर दिया।
विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी ने मुख्यमंत्री की सोच के अनुसार कार्य करने का महत्व बताया और कहा कि यदि सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि मिलकर काम करें तो जिला एक नई दिशा पाएगा। महिला उपाध्यक्ष पुष्पा विश्वकर्मा ने भी कहा कि सभी कार्यों का केंद्र हमेशा जनता की भलाई होगी।
बैठक में सभी सदस्यों का परिचय कराया गया और आदर्श जिला पंचायत बनाने का संकल्प व्यक्त किया गया।
फोटो कैप्शन:
जिला पंचायत की पहली बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार का स्वागत करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी।
इनबॉक्स 1 – जिला पंचायत अध्यक्ष: आनंद अधिकारी
मुख्य जिम्मेदारियाँ:
जनता के मुद्दों और अपेक्षाओं को प्राथमिकता देना।
पंचायत के माध्यम से विकास योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।
सभी सदस्यों और अधिकारियों के बीच तालमेल बनाना।
मॉडल जिला बनाने के लिए टीम भावना के साथ कार्य करना।
महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना।
क्या करना चाहिए:
स्थानीय स्तर पर जनता से नियमित संवाद और फीडबैक लेना।
परियोजनाओं और योजनाओं की निगरानी करना।
पंचायत को सक्रिय और पारदर्शी बनाना।
विकास और रोजगार के लिए नए विचार और इनोवेशन लाना।
इनबॉक्स 2 – जिलाधिकारी: मनीष कुमार
मुख्य जिम्मेदारियाँ:
जिला प्रशासन का संचालन और योजनाओं का समन्वय।
सरकारी नीतियों और परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन।
जिला विकास के लिए प्राथमिकताओं का निर्धारण।
आपदा प्रबंधन और जन सुरक्षा सुनिश्चित करना।
प्रशासनिक शक्ति का रचनात्मक उपयोग करना।
क्या करना चाहिए:
पंचायत और विभागों के बीच तालमेल और सहयोग बढ़ाना।
विकास योजनाओं की प्रभावशीलता और परिणाम सुनिश्चित करना।
नागरिकों के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना।
टीम भावना और संकल्प शक्ति के साथ प्रशासनिक कार्य करना।