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टॉर्च लेकर रात में खड़े रहे जिलाधिकारी, जेसीबी को दिखाते रहे रास्ता युद्धस्तर पर राष्ट्रीय राजमार्ग खुलवाने के निर्देश
चम्पावत,
भारी वर्षा से बाधित आवागमन को सुचारु कराने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार देर रात स्वयं राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर धौन बस्टिया पहुँचे। अंधेरे के बीच जिलाधिकारी ने हाथ में टॉर्च लेकर भूस्खलन से ढके मार्ग का निरीक्षण किया और जेसीबी मशीनों को मलवा हटाने में दिशा देने के लिए खुद रोशनी दिखाते खड़े रहे।
जिलाधिकारी की इस तत्परता से मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी दोगुने उत्साह के साथ कार्य में जुट गए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग को हर हाल में शीघ्र सुचारु करना प्रशासन की प्रथम प्राथमिकता है।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता अथवा विलम्ब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यातायात वैकल्पिक मार्गों से नहीं बल्कि मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग से ही संचालित होना चाहिए। जिलाधिकारी ने आदेश दिए कि जब तक सड़क सभी बाधित स्थानों पर पूरी तरह से न खुल जाए, तब तक जेसीबी मशीनें और अन्य संसाधन लगातार काम करते रहें।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग दीपक जोशी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि: 04 सितम्बर को चम्पावत जिले के सभी विद्यालय व आंगनबाड़ी केन्द्र बन्द
चम्पावत,
भारी वर्षा और सुरक्षा की दृष्टि से जनपद चम्पावत में कक्षा 01 से 12 तक संचालित सभी राजकीय, परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय एवं सभी आंगनबाड़ी केन्द्र 04 सितम्बर 2025 (गुरुवार) को पूर्णतः बन्द रहेंगे।
इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी/मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, चम्पावत जयवर्धन शर्मा ने बताया कि यह निर्णय छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनज़र लिया गया है।
उन्होंने कहा कि सम्बन्धित विभागीय अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि आदेश का कड़ाई से अनुपालन हो। किसी भी विद्यालय या संस्था द्वारा आदेश का उल्लंघन किए जाने पर उनके विरुद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।