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चंपावत ब्लाक लोहाघाट पंचायत चुनाव पर बड़ा सवाल: बंदेला ढेक वार्ड का नतीजा विवादों में, याचिका पहुंची माननीय न्यायालय
जनपद चंपावत की विकासखंड लोहाघाट की ग्राम पंचायत बंदेला ढेक की सीट संख्या 18 पर हुए पंचायत सदस्य चुनाव के नतीजे पर अब कानूनी पेंच फंस गया है। पराजित प्रत्याशी ब्रिजेश सिंह ने माननीय न्यायालय में चुनाव याचिका दाखिल कर विजयी प्रत्याशी महेंद्र सिंह ढेक की जीत को चुनौती दी है।
याचिका में बड़ा आरोप लगाया गया है कि विजयी प्रत्याशी महेंद्र सिंह का नाम एक से अधिक ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट में दर्ज था, जिसके बावजूद उनका नामांकन स्वीकार कर लिया गया। पंचायत राज अधिनियम 2016 की धारा 9(6) व 9(7) के तहत ऐसा होना पूरी तरह अवैध माना गया है।
मतगणना का पूरा आंकड़ा
प्रत्याशी का नाम चुनाव चिन्ह प्राप्त वोट
महेंद्र सिंह ढेक ईंट 443
ब्रिजेश सिंह (याचिकाकरता) अंगूठी 186
श्याम सिंह कटहल 70
पवन सिंह अनार 51
परिणाम: महेंद्र सिंह ढेक को विजयी घोषित किया गया।
याचिका के मुख्य बिंदु
महेंद्र सिंह का नाम दो वोटर लिस्टों में दर्ज था।
नामांकन पत्र कानूनी प्रावधानों के खिलाफ स्वीकार किया गया।
चुनाव नतीजा पूरी तरह अवैध और निरस्त करने योग्य है।
चुनाव को शून्य घोषित कर पुनः मतदान कराने की मांग।
सभी मतपत्र, मतगणना तालिका और चुनाव रिकॉर्ड को सीलबंद कर सुरक्षित रखने का आग्रह।
ब्रिजेश सिंह का दावा
ब्रिजेश सिंह का कहना है कि महेंद्र सिंह पात्र ही नहीं थे। नामांकन प्रक्रिया में ही गड़बड़ी की गई और अब उनकी जीत को वैध नहीं माना जा सकता।
माननीय न्यायालय की दहलीज पर चुनावी जंग
याचिकाकर्ता ने माननीय न्यायालय से मांग की है कि बंदेला ढेक पंचायत सीट का चुनाव अमान्य घोषित कर पुनः चुनाव कराया जाए।
क्या कहता है कानून
उत्तराखंड पंचायत राज अधिनियम 2016 की धारा 9(6) और 9(7) के अनुसार –
कोई भी व्यक्ति एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में नाम दर्ज नहीं करा सकता।
यदि नाम नगरपालिका, नगर पंचायत या किसी अन्य क्षेत्रीय निकाय की वोटर लिस्ट में दर्ज है, तो ग्राम पंचायत में नाम दर्ज नहीं हो सकता।
अब अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
अब पूरा मामला माननीय न्यायालय में है। यदि श्याम सिंह की दलीलें सही साबित होती हैं, तो बंदेला ढेक पंचायत सीट पर पुनः चुनाव की राह साफ हो सकती है।