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थराली में आपदा का कहर, लोग दहशत में सोल पट्टी 11 दिन से सड़क संपर्क से कटा
केशर सिंह नेगी थराली, चमोली
चमोली थराली पिछले दो दिन से हो रही लगातार बारिश ने थराली क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। आपदा की मार झेल रहे कस्बे में पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरा और गहरा गया है। लोग डर के साए में जी रहे हैं, वहीं प्रशासन लगातार सुरक्षित स्थानों या रेस्क्यू सेंटरों में जाने की अपील कर रहा है।
अपर बाजार क्षेत्र में भूधसाव से लोग परेशान हैं। मुख्य बाजार के आसपास की दुकानें खाली हो चुकी हैं। अधिकांश लोग गांवों की ओर पलायन कर गए हैं या रेस्क्यू सेंटरों में शरण ले रहे हैं। लंबे समय से बिजली आपूर्ति बाधित है, जिससे लोगों में गहरा रोष है।
इधर, थराली ब्लॉक की सोल पट्टी के हालात और भी गंभीर हैं। क्षेत्र को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क विगत 11 दिनों से बंद पड़ी है और पूरी तरह खस्ताहाल हो चुकी है। सामाजिक कार्यकर्ता गौरी देवी (ग्राम गेरूड) ने बताया कि सोल पट्टी के 16 गांव पूरी तरह बाहरी दुनिया से कट चुके हैं।
दुकानों में राशन चीनी, आटा, चावल, दालें और नमक लगभग खत्म हो गया है।
बीमार लोगों को दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं।
प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिलाओं तक अस्पताल की सुविधा तक नसीब नहीं हो पा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक न तो उपजिलाधिकारी, न पटवारी और न ही क्षेत्रीय विधायक ने कोई संज्ञान लिया है। चुनाव के समय सोल पट्टी सबसे पहले याद की जाती है, लेकिन आपदा में सबसे पीछे छोड़ दी जाती है।
लोगों की मांग है कि प्रशासन तुरंत एक कमेटी गठित कर सभी प्रभावित गांवों की सूची तैयार करे और राहत-सहायता पहुंचाने के लिए तत्काल कदम उठाए। साथ ही बंद पड़े पैदल मार्ग और सड़क को खोलने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई करे।
थराली और सोल पट्टी की यह स्थिति एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है कि आखिर कब शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि आपदा में पीड़ित जनता की सच्ची पीड़ा को समझेंगे।