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ढोरजा गाँव में दीवार गिरने से मकान और गौशाला पर खतरा, ग्रामीण की पुकार कब जागेगा प्रशासन
जनपद चम्पावत के ग्राम सभा ढोरजा के निवासी चन्दर सिंह रावत लगातार खतरे के साये में जीने को मजबूर हैं। दो वर्ष पूर्व उन्होंने अपने मकान और गौशाला को बचाने के लिए PWD विभाग में अर्जी लगाई थी, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी।
पीड़ित ने बताया कि मनरेगा योजना के अंतर्गत एक दीवार का निर्माण कराया गया था, लेकिन विभागीय उदासीनता और गुणवत्ताहीन कार्य के चलते दीवार फिर से ढह गई। इससे अब न केवल उनका आवासीय मकान, बल्कि गौशाला भी गंभीर खतरे में है।
श्री रावत ने दुख प्रकट करते हुए कहा –
मैंने वर्षों पहले प्रशासन और संबंधित विभाग को खतरे से अवगत कराया, लेकिन मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। आज फिर वही स्थिति आ गई है और मेरा परिवार असुरक्षित है। अगर शीघ्र ही स्थायी समाधान नहीं हुआ तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है
ग्रामीण चन्दर सिंह रावत ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके मकान व गौशाला की सुरक्षा हेतु तत्काल स्थायी सुरक्षात्मक दीवार (प्रोटेक्शन वॉल) बनाई जाए, जिससे उनके परिवार को सुरक्षित जीवन मिल सके।
गाँव के लोगों का कहना है कि प्रशासन यदि पहले ही इस ओर ध्यान देता, तो बार-बार होने वाली क्षति और खतरे से बचा जा सकता था। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार विभाग नींद से जागेगा या फिर किसी बड़े हादसे का इंतज़ार करेगा?