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टनकपुर में सड़कों पर दौड़ेंगी पिंक ई-रिक्शा, महिलाएं बनेंगी चालक ग्रामोत्थान परियोजना चंपावत की नई पहल से बढ़ेगा महिला सशक्तिकरण
चंपावत।
जिला चंपावत महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बनने जा रहा है। अब टनकपुर की सड़कों पर दौड़ेंगी महिला समूहों द्वारा संचालित पिंक ई-रिक्शा। जिलाधिकारी मनीष कुमार के दिशानिर्देश और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती के मार्गदर्शन में ग्रामोत्थान परियोजना ने यह अनूठी पहल शुरू की है।
इसके तहत प्रेरणा स्वयं सहायता समूह बोरागांव की 8 महिलाओं का चयन ई-रिक्शा संचालन हेतु किया गया है। परियोजना की ओर से समूह को कुल 10 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग दिया गया है। इसमें 6 लाख रुपये परियोजना सहयोग, 3 लाख रुपये बैंक ऋण और 1 लाख रुपये समूह का स्व-योगदान शामिल है।
सीडीओ डॉ. जीएस खाती ने टनकपुर क्षेत्र भ्रमण के दौरान समूह से जुड़ी महिलाओं से भेंट की और ई-रिक्शा संचालन से लेकर वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता व रखरखाव तक के लिए जरूरी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा—
यह पहल महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ ही उन्हें सामूहिक उद्यमशीलता और व्यवसायिक गतिविधियों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी।
जिला परियोजना प्रबंधक शुभंकर कुमार झा ने इसे महिला आर्थिक सशक्तिकरण और स्थायित्व की दिशा में एक अभिनव कदम बताते हुए कहा कि भविष्य में अन्य स्वयं सहायता समूहों को भी ऐसे व्यवसायिक कार्यों से जोड़ा जाएगा।
सहायक प्रबंधक संस्थाएं प्रकाश चंद्र पाठक ने बताया कि समूह की महिलाओं को मान्यता प्राप्त तकनीकी संस्थानों से प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। परियोजना टीम के सुमित कुमार (सहा. प्रबंधक कृषि आजीविका) और अतुल सिरस्वाल (एएम सेल्स) ने चयनित उद्यमों की व्यवसायिक योजना तैयार की है।
इस पहल से न सिर्फ महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ेगी, बल्कि टनकपुर की सड़कों पर पिंक ई-रिक्शा चलते ही क्षेत्र में नई पहचान और नई सोच का संदेश भी जाएगा।